अमेरिका: भारतवंशी कमला देवी बनीं उप राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार, खुद को अमेरिकी कहलवाना है पसंद

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वाशिंगटन डीसी. अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बिडेन ने सांसद कमला हैरिस को उप-राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया है। इस पद के लिए चुनाव लड़ने वाली ये पहली अश्वेत महिला होंगी। हालांकि, उनकी मां श्यामला गोपालन भारतीय और पिता डोनाल्ड हैरिस जमैकन हैं। लेकिन कमला खुद को किसी रंग या देश से जोड़ने की बजाय अमेरिकी कहलाना ज्यादा पसंद करती हैं।

इससे पहले 2 बार किसी महिला को उप-राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार बनाया गया था। 2008 में रिपब्लिकन पार्टी ने सारा पैलिन को और 1984 में डेमोक्रेटिक पार्टी ने गिरालडिन फेरारो को उम्मीदवार बनाया था, लेकिन दोनों ही चुनाव हार गई थीं। दोनों प्रमुख अमेरिकी पार्टियों ने अब तक किसी भी अश्वेत महिला को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार नहीं बनाया। अब तक अमेरिका में कोई महिला राष्ट्रपति भी नहीं बन सकी।

पिता स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी में हैं टीचर, मां कैंसर रिसर्चर

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कमला हैरिस का जन्म 20 अक्टूबर 1964 को ऑकलैंड (कैलिफोर्निया) में हुआ। उनका पूरा नाम कमला देवी हैरिस है। पिता डोनाल्ड हैरिस स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ाते हैं। मां श्यामला गोपालन भारतीय डिप्लोमेट की बेटी और कैंसर रिसर्चर थी, उनका 2009 में निधन हो गया। कमला की बहन माया हैरिस एक पब्लिक पॉलिसी एडवोकेट हैं।

कमला ने वॉशिंगटन डी.सी. में वेस्टमाउंट हाईस्कूल से पढ़ाई की। वह स्टूडेंट काउंसिल में भी चुनी गईं। पॉलिटिकल साइंस और इकोनॉमिक्स में बी.ए. करते समय डिबेट टीम से जुड़ीं। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से 1986 में ग्रेजुएशन किया। 1989 में हेस्टिंग्स कॉलेज से लॉ डिग्री ली।

2014 में हुई थी कमला की शादी

कमला हैरिस की शादी वकील डगलस एमहॉफ से सैंटा बारबरा में 22 अगस्त 2014 को हुई थी। वे दो बच्चों एला और कोल की सौतेली मां हैं। डगलस और कमला एक ब्लाइंड डेट पर मिले थे। इसके बाद डगलस ने अपनी पत्नी को तलाक दिया और कमला से शादी कर ली। इससे पहले की बात करें तो 1994-95 में कमला के रिश्ते कैलिफोर्निया असेंबली के तत्कालीन स्पीकर और उम्र में 30 साल बड़े विली ब्राउन से भी रहे। इस रिश्ते की वजह से विली ब्राउन अपनी पत्नी से दूर हो गए थे। वर्ष 2000 में वह लुइस रेने से भी रिश्ते में रहीं।

पहली भारतवंशी अमेरिकी जो सीनेटर बनीं

कमला पहली भारतीय अमेरिकी हैं जो 2016 में यू.एस. सीनेटर बनीं। साथ ही वह ऐसा करने वाली दूसरी अफ्रीकी-अमेरिकी महिला भी हैं। 2011 से 2016 तक कैलिफोर्निया की अटॉर्नी जनरल रहीं। तब भी वह पहली महिला और पहली अफ्रीकी-अमेरिकी थीं जो अटॉर्नी जनरल बनी।

ऑकलैंड में 1990 से 1998 के बीच डिप्टी डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी रहीं। 2004 में डिस्ट्रिक्ट गवर्नर बनीं और 2010 में अटॉर्नी जनरल। 2008 में मंदी के दौरान प्रेसिडेंट बराक ओबामा के दबाव के बाद भी साहूकारों के खिलाफ मुकदमे किए। पांच गुना ज्यादा मुआवजा पाया। बता दें, हैरिस ने तीन किताबें भी लिखी हैं- स्मार्ट ऑन क्राइम (2009), द ट्रूथ्स वी होल्डः एन अमेरिकन जर्नी (2019) और सुपरहीरोज आर एव्रीव्हेयर (2019)।

पहली बार सांसद बनीं और अब उप-राष्ट्रपति की दौड़ में

कमला हैरिस 2017 में पहली बार ही सांसद बनीं और तीन साल बाद उप-राष्ट्रपति की दौड़ में शामिल हो गईं। इसके लिए उनके वकालत गुणों को श्रेय दिया जाना चाहिए। 2012 में डेमोक्रेटिक नेशनल कन्वेंशन में कमला ने यादगार भाषण दिया था। इससे उन्हें राष्ट्रीय पहचान मिली। पार्टी में उन्हें राइजिंग स्टार कहा जाने लगा। इटेंलिजेंस सिलेक्ट कमेटी सदस्य के नाते उनके काम ने उन्हें उप-राष्ट्रपति पद के पास तक पहुंचाया। 2016 के राष्ट्रपति चुनावों में रूसी हस्तक्षेप के दावों पर अटॉर्नी जनरल जेफ सेशंस से पूछताछ में उनकी स्टाइल ने लोकप्रियता को कई गुना बढ़ा दिया।
कमला ने डेमोक्रेटिक पार्टी से प्रेसिडेंट पद के लिए दावेदारी पेश की थी। वह लीडिंग कैंडीडेट भी थीं। लेकिन, सितंबर 2019 में उनका कैम्पेन विवादों से घिर गया। दिसंबर में उन्होंने अपना नाम वापस ले लिया। नाम वापसी के बाद से ही चर्चा थी कि जो बिडेन उन्हें उप-राष्ट्रपति पद के लिए अपना साथी उम्मीदवार चुनेंगे। वह पुलिस सुधार की बहुत बड़ी समर्थक हैं।

जो बिडेनः कमला हैरिस एक बहादुर योद्धा और अमेरिका के सबसे बेहतरीन नौकरशाहों में से एक हैं। मैंने खुद देखा है कि कमला ने कैसे बड़े-बड़े बैंकों को चुनौती दी, कामगारों की मदद की और महिलाओं और बच्चों को शोषण से बचाया।

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