बहुचर्चित मसकनवा पावर हाउस भूमि प्रकरण: बिजली विभाग के गले की फांस बनी 11 बीघे बैनामे की जमीन!
बैनामे की जमीन हड़पने का आरोप, बैनामेदार पीयूष मिश्रा के वकील ने भेजा दो करोड़ का नोटिस
Sandesh Wahak Digital Desk: गोंडा जिले के मसकनवा पावर हाउस प्रकरण ने अब तूल पकड़ लिया है। 11 बीघे बैनामे की जमीन पर अपने पूर्व अधिकारियों द्वारा की गयी कारस्तानी पर पर्दा डालने की गरज से बिजली विभाग के अधिकारियों ने मालिकाना हक जताते हुए दाखिल-खारिज की प्रक्रिया को रोकवाने की मंशा के तहत आपत्ति पत्र दाखिल करते हुए पुलिस अधीक्षक को एफआईआर दर्ज कराने के लिए न सिर्फ प्रार्थना पत्र दिया, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया के जरिए बैनामेदारों की छवि को धूमिल करने का प्रयास भी किया गया। इस मामले में दो करोड़ रूपए की मानहानि का नोटिस भेजा गया है, जिससे हड़कंप मच गया है।
बैनामे की जमीन हड़पने का आरोप, बैनामेदार पियूष मिश्रा के वकील ने भेजा दो करोड़ का नोटिस
इस बहुचर्चित प्रकरण में जमीन के मालिक पीयूष मिश्रा पुत्र पलकधारी मिश्रा निवासी 75, सिविल लाइन, बहराइच रोड, गोण्डा की ओर से उनके अधिवक्ता विवेक मणि श्रीवास्तव ने इंजीनियर यदुनाथ यथार्थ मुख्य अभियंता, मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड, देवीपाटन क्षेत्र गोण्डा, इंजीनियर कमर फारूख, अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खण्ड चतुर्थ, मनकापुर, विकास कुमार सिंह पुत्र श्रीराम सिंह अवर अभियंता, 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र मसकनवा, मनकापुर, गोण्डा को नोटिस भेजा है।
जिसमें कहा है कि भूमि गाटा संख्या 46 आकार पत्र 45 में बद्री प्रसाद, कृष्ण चंद्र, संतोष कुमार व दिनेश चंद्र की पैतृक संपत्ति थी, जिसे कालांतर में बद्री प्रसाद द्वारा अपने 1/2 हिस्से की भूमि को गायत्री विद्या मंदिर, खपरीपारा, मसकनवां के पक्ष में जरिए बैनामा काबिज-दाखिल कर दिया तथा शेष 1/2 हिस्से में ज्ञान प्रकाश, दिनेश चंद्र, मनीष शुक्ला, विकास शुल्क, शशिकला, सत्यप्रकाश व सौरभ मालिक हुए। पियूष मिश्रा, अनिरूद्ध कुमार मिश्रा व विशाल कुमार द्वारा गाटा संख्या 46 में 0.1020 हेक्टेयर भूमि का बिला कब्जा मुहयदावय की रजिस्ट्री के साथ-साथ शेष बची भूमि का अलग-अलग दस्तावेज अलग-अलग पंजीकृत बैनामेजात द्वारा गाटा संख्या 46 में 1/2 भाग के 0.1020 हेक्टेयर को छोड़कर शेष रकबे का पंजीकृत बैनामा कर काबिज-दाखिल हो गये।
महकमे में मचा हड़कंप, बचाव में आए बिजली विभाग के अधिकारी
नोटिस के माध्यम से कहा गया है कि दोनों अधिकारियों ने अपने पूर्व के अधिकारियों द्वारा विधि विरूद्ध किए गए कार्यों पर पर्दा डालने तथा दूसरे की जमीन को हड़पने की नीयत से अपने बचाव को ध्यान में रखते हुए मुवक्किल पियूष मिश्रा के दाखिल-खारिज की प्रक्रिया को रोकवाने की मंशा के तहत आपत्ति पत्र दाखिल करते हुए पुलिस अधीक्षक को प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। इसके साथ ही समाचार पत्रों व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से जनता को आधार बनाकर इमोशनल ब्लैकमेलिंग के जरिए मेरे मुवक्किल की छवि को धूमिल करने का कुत्सित प्रयास किया गया है।
नोटिस में कहा गया है कि यदि गाटा संख्या 46 के एक भी इंच पर आपका मालिकाना हक किसी भी प्रकार से साबित होता है तो एक सप्ताह के अंदर सार्वजनिक करें, अन्यथा वाद-मियाद आप लोगों के खिलाफ मेरे मुवक्किल की छवि धूमिल करने व मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के एवज में दो करोड़ रूपए का वाद सक्षम न्यायालय में दायर करने के साथ-साथ मानसिक प्रताड़ना देने के विरूद्ध आपराधिक वाद दायर करके आर्थिक क्षतिपूर्ति की मांग भी की जाएगी। यह प्रकरण अब बिजली विभाग के गले की फांस बन गया है।
मामले की पृष्ठभूमि
मसकनवां पावर हाउस के अधिकारी द्वारा कहा गया कि पावर हाउस की लगभग 11 बीघा जमीन को कथित तौर पर फर्जी बैनामे के जरिए कुछ लोगों ने अपने नाम करा लिया है। जेई की शिकायत के अनुसार, जमीन की धोखाधड़ी में दो भाजपा नेता और एक व्यापारी शामिल हैं। आरोप लगाया कि इन तीनों लोगों ने फर्जी तरीके से जमीन का बैनामा कराया है। शिकायत के बाद पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच के आदेश दिए।
मामले की जांच के लिए समिति गठित
मसकनवा पावर हाउस जमीन प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए उप जिलाधिकारी मनकापुर की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गयी है। इसमें एसडीएम, मनकापुर के अलावा दो सदस्य नामित किए गए हैं, जिनमें अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण प्रखंड मनकापुर व उप निबंधक, मनकापुर शामिल हैं। समिति को निर्देशित किया गया है कि प्रकरण के संबंध में विधिवत अभिलेखीय व स्थलीय जांच कर अपनी सुस्पष्ट तथ्यात्मक आख्या एक सप्ताह में उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
रिपोर्ट: ए.आर.उस्मानी
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