चीन में एक ही परिवार के 11 लोगों को मौत की सज़ा, जानें क्या है मामला
Sandesh Wahak Digital Desk: चीन की एक अदालत ने एक सनसनीखेज फैसले में एक ही परिवार के 11 सदस्यों को सजा-ए-मौत सुनाई है। यह पूरा परिवार एक कुख्यात आपराधिक गिरोह चलाता था, जो म्यांमार के कोक्कांग से संचालित होता था और मर्डर, देह व्यापार, धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे कई संगीन अपराधों में लिप्त था।
वानझोउ इंटरमीडिएट पीपुल्स कोर्ट द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, मिंग फैमिली नाम से कुख्यात इस गिरोह के मुखिया मिंग गुओपिंग, मिंग झेनझेन और झोउ वेइचांग समेत 11 सदस्यों को मौत की सज़ा दी गई है। इन लोगों पर 1.4 अरब डॉलर (करीब 12 हज़ार करोड़ रुपये) से अधिक के अवैध जुआ और घोटाले के धंधे चलाने का आरोप है। चीन के सरकारी प्रसारक सीसीटीवी के अनुसार, जाँच में पता चला है कि यह गिरोह साल 2015 से पूर्वी चीनी प्रांत झेजियांग में अपना क्राइम नेटवर्क चला रहा था।
धोखा देकर लाते थे कर्मचारी, भागने पर कर देते थे हत्या
मिंग परिवार पर आरोप है कि उन्होंने अवैध कैसीनो, ड्रग्स तस्करी, ट्रैफिकिंग और देह व्यापार जैसे कई अपराधों से 10 बिलियन युआन (लगभग 12 हजार करोड़ रुपये) से अधिक की कमाई की थी। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस परिवार का सबसे बड़ा गुनाह यह था कि वे विदेशों से लोगों को झांसे में फंसाकर इन अवैध अड्डों पर काम करने के लिए लाते थे। इन अड्डों पर काम करने के लिए पकड़े गए अधिकतर लोग चीन के नागरिक थे। जो भी कर्मचारी इन काले धंधों से भागने की कोशिश करता था, उसे पहले टॉर्चर किया जाता था और फिर मौत के घाट उतार दिया जाता था।
इस परिवार के पापों का पर्दाफाश दो साल पहले हुआ, जब विद्रोही गुटों ने लौकाई इलाके के अड्डों पर हमला किया। इस हमले में मिंग फैमिली के मुखिया की मौत हो गई, जिसके बाद पूरे आपराधिक नेटवर्क का खुलासा हुआ और चीनी पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार कर लिया। 11 सदस्यों को मौत की सज़ा सुनाने के अलावा, अदालत ने पाँच अन्य लोगों को दो साल के लिए निलंबित मौत की सज़ा भी सुनाई, जबकि 12 अन्य अभियुक्तों को पाँच से 24 साल तक की जेल की सज़ा सुनाई गई है।

