CPIM के जोनल कमेटी सदस्य समेत 12 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, 89 लाख का इनाम था घोषित
Sandesh Wahak Digital Desk: नक्सल आंदोलन को पिछले कुछ महीनों में सबसे बड़ा झटका लगा है। सीपीआई (माओवादी) के स्पेशल जोनल कमेटी सदस्य अनंत उर्फ विकास नागपुरे ने अपने 11 साथियों के साथ गोंदिया पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ बॉर्डर इलाके में सुरक्षा बलों के चल रहे अभियानों के लिए इसे एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।
आत्मसमर्पण करने वाले इन 12 नक्सलियों पर महाराष्ट्र सरकार ने कुल 89 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। पुलिस के मुताबिक, यह ग्रुप कई जिलों में सक्रिय था और हिंसक वारदातों, भर्ती अभियान और उगाही जैसे कामों में शामिल रहा था। गढ़चिरौली रेंज के डीआईजी अंकित गोयल ने इस घटना की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि लगभग 7-8 दिन पहले माओवादी के MMC जोन (मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़) के प्रवक्ता ने सरेंडर करने की इच्छा जाहिर की थी और तीनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों को चिट्ठियाँ लिखी थीं। डीआईजी गोयल ने कहा कि संपर्क साधने के बाद अनंत उर्फ विकास नागपुरे अपने 10 साथियों सहित सरेंडर करने पहुँचे। इन लोगों ने 7 हथियार भी जमा कराए हैं।
पुलिस का कहना है कि यह सामूहिक आत्मसमर्पण, टॉप नक्सली लीडर हिड़मा के मारे जाने के बाद संगठन में पैदा हुए नेतृत्व के खालीपन के बाद पहला बड़ा सरेंडर है।
सरेंडर करने वाले प्रमुख सदस्य
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में कई महत्वपूर्ण पदों पर थे।
स्पेशल जोनल कमेटी सदस्य अनंत उर्फ विकास नागपुरे
डीवीसीएम कमांडर नागासु गोलू वड्डे
रानो पोरेती
संतु पोरेती
संगीता पंधारे
प्रताप बंटुला
अनुजा कारा
पूजा मुडियम
दिनेश सोत्ती
शीला मड़ावी
अर्जुन डोडी
डीआईजी गोयल ने कहा कि यह घटना पुलिसिंग के बेहतर तालमेल और नक्सलियों को मुख्यधारा में लाने के लिए चलाए जा रहे आउटरीच प्रोग्राम की बढ़ती कामयाबी को दर्शाती है। सरेंडर करने वाले सभी नक्सलियों को महाराष्ट्र सरकार की पुनर्वास नीति के तहत लाभ दिया जाएगा।
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