कोलकाता में होटल में आग लगने से 15 लोगों की मौत, मुआवजे की हुई घोषणा

Sandesh Wahak Digital Desk: मध्य कोलकाता के मछुआपट्टी इलाके में एक होटल में भीषण आग लगने से एक महिला और दो बच्चों समेत 15 लोगों की मौत हो गई। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मंगलवार रात को आग लगने की इस घटना में 13 अन्य घायल भी हुए हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आग लगने की घटना में लोगों की मौत पर दुख व्यक्त किया और प्रत्येक मृतक के परिजन को दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।

प्रधानमंत्री कार्यालय ने 15 अक्टूबर को कहा कोलकाता में आग लगने की घटना में लोगों की मौत से दुखी हूं। अपने प्रियजनों को खोने वालों के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं। घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं। प्रत्येक मृतक के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत निधि (पीएमएनआरएफ) से दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50-50 हजार रुपये दिए जाएंगे।

कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार मृतकों में 11 पुरुष शामिल हैं, जिनमें से आठ की अब तक शिनाख्त की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि घायलों में से कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।

15 लोगों की दर्दनाक मौत

अधिकारी ने कहा घटना के समय होटल के 42 कमरों में 88 मेहमान थे। मृतकों में एक लड़का, एक लड़की और एक महिला शामिल हैं। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। हमारी फोरेंसिक टीम घटनास्थल की जांच करेगी, जिसकी घेराबंदी की गई है। किफायती ऋतुराज होटल में आग लगने की खबर सबसे पहले मंगलवार शाम करीब 7:30 बजे मिली।

आग बुझाने के लिए दमकल की 10 गाड़ियों को लगाया गया और करीब 10 घंटे की मशक्कत के बाद आज सुबह बुधवार को आग पर काबू पा लिया गया। राज्य के मंत्री सुजीत बोस ने बताया कल रात लगी आग में 15 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में से आठ की शिनाख्त हो गई है।

कोलकाता पुलिस ने घटना की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है।

भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए उन पर असंवेदनशीलता का आरोप लगाया और कहा कि राज्य की राजधानी में एक अप्रिय घटना हुई, लेकिन उस दौरान भी वह दीघा में जगन्नाथ धाम के एक दिवसीय उद्घाटन कार्यक्रम में हिस्सा ले रही थीं।

कई लोगों की हालत गंभीर

मजूमदार ने कड़े शब्दों में कहा कल, बुर्राबाजार के मछुआ इलाके में लगी भीषण आग ने 14 से अधिक निर्दोष लोगों की जान ले ली। कई और लोग जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं। फिर भी, मुख्यमंत्री ने चुप रहना चुना और दीघा में अपने धार्मिक कार्यक्रम को जारी रखा।

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा यह उनकी सहानुभूति की कमी और उनके प्रशासन की विफलता को उजागर करता है। जब असहाय आम नागरिक आग की लपटों में फंसे हुए थे और दर्द में मर रहे थे, तब मुख्यमंत्री राजनीतिक लाभ के लिए धर्म का दोहन करने में व्यस्त थीं। उनका पूरे साल का तुष्टिकरण और चुनाव के समय धार्मिक दिखावा एक बार फिर शासन पर हावी हो गया है।

मजूमदार ने राज्य भर के भाजपा कार्यकर्ताओं से तुरंत राहत कार्य शुरू करने और पीड़ित परिवारों को सहायता प्रदान करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा ‘मैं व्यक्तिगत रूप से प्रभावित परिवारों के साथ खड़ा रहूंगा और बचाव एवं राहत कार्यों में हमारी पार्टी की भागीदारी की निगरानी करूंगा’।

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