यूपी के 20 बड़े शहर होंगे जाम मुक्त: DGP का ‘CFD’ एक्शन प्लान तैयार, नई SOP के साथ हटेंगे अतिक्रमण
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश की सड़कों पर यातायात को सुगम बनाने के लिए डीजीपी राजीव कृष्ण ने एक बड़ा कदम उठाया है। कानून-व्यवस्था के बाद अब पुलिस विभाग का मुख्य लक्ष्य शहरों के ट्रैफिक को नियंत्रित करना है। इसके लिए ‘कंजेशन फ्री डिस्ट्रिक्ट’ (CFD) योजना शुरू की गई है, जिसके तहत प्रदेश के 20 सबसे व्यस्त जिलों को जाम मुक्त बनाने का ब्लूप्रिंट तैयार किया गया है।
एक्शन प्लान: ‘CFD’ योजना के मुख्य बिंदु
डीजीपी मुख्यालय जल्द ही एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी करेगा, जो ट्रैफिक प्रबंधन के लिए नई गाइडलाइन के रूप में लागू होगी।
मैपिंग और हॉटस्पॉट: यातायात निदेशालय इन शहरों के सबसे अधिक जाम वाले चौराहों और मार्गों की मैपिंग कर रहा है। थानावार ‘हॉटस्पॉट’ चिह्नित कर वहां नागरिक पुलिस और ट्रैफिक पुलिस मिलकर तैनात रहेंगे।
अतिक्रमण पर प्रहार: योजना के तहत चिन्हित रूट्स से स्थायी और अस्थायी अतिक्रमण हटाए जाएंगे और सिग्नलिंग व्यवस्था को आधुनिक बनाया जाएगा।
चिह्नित किए गए 20 प्रमुख शहर
इस अभियान के पहले चरण में 7 पुलिस कमिश्नरेट और 13 अन्य बड़े शहरों को शामिल किया गया है।
7 पुलिस कमिश्नरेट: लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, आगरा, गौतमबुद्धनगर और गाजियाबाद।
13 अन्य शहर: गोरखपुर, बरेली, अलीगढ़, मुरादाबाद, अयोध्या, मेरठ, सहारनपुर, चित्रकूट, आजमगढ़, बस्ती, गोंडा, झांसी और मीरजापुर।
लखनऊ में ट्रैफिक प्रयोग: पहले दिन मिली चुनौती
जहां एक तरफ प्रदेश स्तर पर बड़ी योजना बन रही है, वहीं राजधानी लखनऊ के हैदरगंज तिराहे पर किया गया एक नया प्रयोग पहले ही दिन मुश्किलों भरा रहा। हजरतगंज की तर्ज पर बैरिकेडिंग कर तिराहे को ब्लॉक किया गया, जिससे ऐशबाग की ओर से आने वाले वाहनों को लंबा यू-टर्न लेना पड़ा। इसके कारण गुरुवार को वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। डीसीपी ट्रैफिक कमलेथ दीक्षित के अनुसार, यह केवल एक ‘परीक्षण’ (Trial) है, जिसकी समीक्षा के बाद ही इसे स्थायी किया जाएगा।
पिछली सफलता से प्रेरणा
डीजीपी राजीव कृष्ण ने कार्यभार संभालते ही यातायात को अपनी 10 प्राथमिकताओं में शामिल किया था। इससे पहले सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए ‘ब्लैक स्पॉट’ चिह्नित किए गए थे, जिसके सकारात्मक परिणाम मिले थे। अब उसी मॉडल का उपयोग जाम खत्म करने के लिए किया जा रहा है।
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