America में तूफान से 29 की मौत, 6 लाख घरों की बिजली गुल

Sandesh Wahak Digital Desk: अमेरिका (America) में एक शक्तिशाली और भयानक तूफान ने दस्तक दी है, जिससे लोगों की मुसीबतें लगातार बढ़ती जा रही हैं। इस तूफान की चपेट में आकर अब तक 29 लोगों की मौत हो चुकी है। तूफान के चलते देश (America) के बड़े हिस्से में भारी बर्फबारी और कड़ाके की ठंड पड़ रही है। बर्फ जमने की वजह से बिजली आपूर्ति बाधित हुई है और यात्रा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, जिससे लाखों लोग प्रभावित हैं।

पूर्व और दक्षिणी राज्यों में हालात सबसे खराब

रिपोर्ट्स अनुसार, सोमवार को जब तूफान अपने अंतिम चरण में पूर्व की ओर बढ़ा तो पूर्वोत्तर राज्यों में और अधिक बर्फ जमा हो गई। दक्षिणी इलाकों में जमाव वाली बारिश ने कई दिनों तक मुश्किलें पैदा कीं। इससे पेड़ और बिजली की लाइनें टूट गईं और लाखों लोग बिना बिजली के रह गए। अधिकारियों ने बताया कि जैसे जैसे तूफान अर्कांसस से न्यू इंग्लैंड तक फैलता गया, वैसे वैसे मृतकों की संख्या भी बढ़ती चली गई।

हजारों मील में जमी मोटी बर्फ की परत

यहां तूफान की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि देश (America) के लगभग 1300 मील लंबे इलाके में एक फुट से ज्यादा गहरी बर्फ जम गई है। इसकी वजह से कई राजमार्ग बंद कर दिए गए हैं, उड़ानें रद्द करनी पड़ी हैं और बड़ी संख्या में स्कूलों को बंद करना पड़ा है। नेशनल वेदर सर्विस के मुताबिक, पिट्सबर्ग के उत्तर में स्थित इलाकों में 20 इंच तक बर्फबारी दर्ज की गई है। सोमवार देर रात से मंगलवार तक तापमान महसूस होने की स्थिति शून्य से 25 डिग्री फॉरेनहाइट तक गिर गई।

America Storm

America के अलग अलग राज्यों में मौतें

यहां America में भारी तूफान के चलते कई राज्यों से मौतों की खबरें सामने आई हैं। मैसाचुसेट्स और ओहायो में दो लोगों की मौत स्नोप्लो की चपेट में आने से हुई। अर्कांसस और टेक्सास में बर्फ पर फिसलने के दौरान हुए हादसों में किशोरों की जान चली गई। कैनसस में पुलिस ने खोजी कुत्तों की मदद से एक महिला का शव बर्फ में ढका हुआ पाया।

लाखों घरों में बिजली आपूर्ति ठप

वहीं America की न्यूयॉर्क सिटी में अधिकारियों ने बताया कि कड़ाके की ठंड वाले उस सप्ताह के दौरान आठ लोग बाहर मृत पाए गए। बर्फबारी के चलते हालात इतने खराब हो गए कि कई इलाकों में बिजली गुल हो गई। रिपोर्ट्स अनुसार, सोमवार शाम तक देशभर में 6 लाख 70 हजार से ज्यादा स्थानों पर बिजली आपूर्ति ठप थी। इनमें से ज्यादातर कटौती दक्षिणी राज्यों में दर्ज की गई, जहां हफ्ते भर हुई बारिश से पेड़ों की डालियां और बिजली की लाइनें टूट गईं।

वहीं उत्तरी मिसिसिपी और टेनेसी के कुछ हिस्सों में बिजली आपूर्ति लंबे समय तक बाधित रही। मिसिसिपी के अधिकारियों ने कहा कि राज्य 1994 के बाद से अब तक के सबसे भीषण बर्फीले तूफान का सामना कर रहा है। आपातकालीन दलों ने तेजी से वार्मिंग सेंटर स्थापित किए और कंबल, पानी और जनरेटर वितरित किए। ऑक्सफोर्ड स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ मिसिसिपी में पूरे सप्ताह के लिए स्कूल बंद कर दिए गए। मेयर रॉबिन टैनहिल ने कहा कि नुकसान हर जगह नजर आ रहा है और ऐसा लग रहा है जैसे हर सड़क पर बवंडर गुजर गया हो।

America Storm

हवाई सेवाएं भी बुरी तरह प्रभावित

वहीं इस तूफान का असर हवाई यातायात पर भी पड़ा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, सोमवार को देशभर में 8 हजार से ज्यादा उड़ानें या तो विलंबित रहीं या रद्द कर दी गईं। विमानन कंपनी सिरीयम ने बताया कि रविवार को अमेरिका की लगभग आधी उड़ानें रद्द कर दी गईं, जो कोविड 19 महामारी के बाद किसी एक दिन में सबसे बड़ा आंकड़ा रहा।

रिकॉर्ड बर्फबारी और भीषण ठंड का कहर

वहीं America की न्यूयॉर्क सिटी में कई वर्षों में सबसे ज्यादा बर्फबारी दर्ज की गई, जहां सेंट्रल पार्क में 11 इंच बर्फ गिरी। तूफान के बाद कड़ाके की ठंड ने हालात और बिगाड़ दिए। मिडवेस्ट, दक्षिण और पूर्वोत्तर के बड़े हिस्सों में तापमान शून्य से नीचे पहुंच गया। एनओएए के पूर्व वैज्ञानिक रयान माउ ने कहा कि अमेरिका के निचले 48 राज्य 2014 के बाद से सबसे कम औसत न्यूनतम तापमान की ओर बढ़ रहे हैं।

वहीं अधिकारियों के मुताबिक इस तूफान के कारण लुइसियाना, पेंसिल्वेनिया, टेनेसी, मिसिसिपी और न्यू जर्सी में कई मौतें हुई हैं। हालांकि न्यू इंग्लैंड के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बर्फबारी का अनुमान है, लेकिन अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि भीषण ठंड अब भी एक गंभीर खतरा बनी हुई है और लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

 

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