नीतीश कैबिनेट में 26 मंत्रियों ने ली शपथ, कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश बने मंत्री
Sandesh Wahak Digital Desk: बिहार में आखिरकार नई सरकार का ऐलान हो गया है। आज पटना के गांधी मैदान में हुए एक भव्य समारोह में नीतीश कुमार ने लगातार दसवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इसके साथ ही उन्होंने एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है।
नीतीश कुमार के साथ-साथ दोनों उपमुख्यमंत्री भी रिपीट हुए हैं। सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा ने एक बार फिर से उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इसके अलावा नई कैबिनेट में कई नए और पुराने चेहरों को भी जगह मिली है।

कौन-कौन बने मंत्री, जानिए खास बातें
बिहार की नई एनडीए सरकार में कुल 26 मंत्रियों ने आज शपथ ली। इनमें कुछ दिलचस्प नाम शामिल हैं।
दिलीप जायसवाल, विजय चौधरी, अशोक चौधरी, मंगल पांडे जैसे दिग्गज नेता फिर से मंत्री बने हैं। बिजेन्द्र प्रसाद यादव जो नीतीश कुमार के बेहद करीबी माने जाते हैं, उन्हें लगातार नौवीं बार मंत्री पद मिला है। वह सुपौल से लगातार 9वीं बार विधायक चुने गए हैं। लेसी सिंह, जो एक बाहुबली नेता की पत्नी हैं, को भी मंत्री बनाया गया है। वह पहले भी मंत्री रह चुकी हैं।
संजय कुमार सिंह का नाम इसलिए चर्चा में है क्योंकि उन्होंने आरजेडी के तेजप्रताप यादव को महुआ सीट से हराया था। राम कृपाल यादव भी मंत्री बने हैं, जो पहले मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं और उन्होंने इस बार दानापुर में आरजेडी के बाहुबली रीत लाल यादव को हराया है।

युवाओं और नए चेहरों को मौका
नई सरकार में युवा नेताओं को भी काफी महत्व दिया गया है। लखेंद्र पासवान वैशाली की पातेपुर सीट से जीतकर आए हैं और बीजेपी के युवा विधायकों में गिने जाते हैं। रमा निषाद पहली बार विधायक बनी हैं और उन्हें सीधे मंत्री पद मिला है। वह पूर्व सांसद अजय निषाद की पत्नी हैं।
सबसे दिलचस्प बात यह रही कि उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश को भी सीधे मंत्री बनाया गया है। हैरानी की बात यह है कि दीपक प्रकाश अभी विधायक भी नहीं हैं। उन्हें बाद में एमएलसी बनाकर विधान परिषद में भेजा जाएगा। यह फैसला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी स्नेहलता कुशवाहा सासाराम से विधायक चुनी गई हैं, लेकिन उनकी जगह बेटे को मौका दिया गया।
कैसी रही पार्टियों की हिस्सेदारी
जद(यू) से 12 मंत्री, भाजपा से 11 मंत्री, हंस से 4 मंत्री और लोजपा से 1 मंत्री को जगह मिली है। एक मंत्री को स्वतंत्र दर्जा दिया गया है। इस तरह बिहार में एक बार फिर नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार ने कामकाज शुरू कर दिया है। अब देखना यह होगा कि यह नई टीम बिहार के विकास के लिए कैसा प्रदर्शन करती है।
Also Read: SC का ऐतिहासिक फैसला, राष्ट्रपति-राज्यपाल पर विधेयक मंजूरी की समय सीमा तय नहीं कर सकते

