स्कूल की छत गिरने से 7 बच्चों की मौत, कई घायल, जांच के आदेश

Sandesh Wahak Digital Desk: राजस्थान के झालावाड़ जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। यहाँ एक सरकारी स्कूल की छत अचानक गिर जाने से सात छात्रों की मलबे में दबकर मौत हो गई है, जबकि 17 छात्र घायल हुए हैं। आशंका है कि यह आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस के तमाम बड़े अधिकारी मौके पर पहुँच गए हैं।

यह हादसा मनोहरथाना क्षेत्र के पीपलोदी गाँव में स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल में हुआ। बताया जा रहा है कि भारी बारिश के कारण स्कूल के पुराने भवन की छत अचानक भरभराकर गिर गई, जिससे कक्षा में पढ़ रहे कई बच्चे मलबे में दब गए।

ग्रामीणों ने बताया आँखों देखा हाल

स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, जिस वक्त यह हादसा हुआ, कक्षा में करीब 50 से भी ज़्यादा छात्र मौजूद थे। छत गिरने की ज़ोरदार आवाज़ सुनते ही चीख-पुकार मच गई। गाँव वाले और शिक्षक तुरंत मलबा हटाने में जुट गए और निजी वाहनों से ही घायलों को मनोहरथाना के सीएचसी अस्पताल पहुँचाया।

राहत और बचाव कार्य अभी भी जारी है, और कई घायल बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्रशासन ने सभी घायल छात्रों को बेहतर इलाज मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं। इस घटना के बाद स्कूल भवन की जर्जर हालत पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

हादसे के बाद की कुछ तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिनमें लोग मलबा हटाते दिख रहे हैं। अभी यह पूरी तरह साफ नहीं है कि कुल कितने बच्चे मलबे में दबे थे, लेकिन ग्रामीणों का मानना है कि लगभग 50 बच्चे फंसे हो सकते हैं। मौके पर एंबुलेंस और जेसीबी मशीनें बुलाई गई हैं ताकि मलबे को जल्द से जल्द हटाया जा सके और दबे हुए बच्चों को निकाला जा सके।

शिक्षा मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री ने जताया दुख

राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने झालावाड़ के डीएम से बात कर मामले की तुरंत जांच के आदेश दिए हैं। इस बीच, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी इस हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, झालावाड़ के मनोहरथाना में एक सरकारी स्कूल की इमारत गिरने से कई बच्चों एवं शिक्षकों के हताहत होने की सूचना मिल रही है। मैं ईश्वर से कम से कम जनहानि एवं घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ देने की प्रार्थना करता हूं।

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