4 करोड़ युवा बनेंगे ग्लोबल स्किल्ड वर्कफोर्स, यूपी को मिलेगी नई पहचान
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश अब सिर्फ परंपरा और संस्कृति की धरती नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी का नया गढ़ भी बनने जा रहा है। बीते साढ़े आठ साल में योगी आदित्यनाथ सरकार ने आईटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में बड़ी छलांग लगाई है। लक्ष्य है कि 2030 तक लखनऊ और कानपुर में एआई सिटी खड़ी हो और कम से कम 20 यूनिकॉर्न स्टार्टअप तैयार किए जाएं। वहीं 2047 तक यूपी को ग्लोबल टेक्नोलॉजी डेस्टिनेशन बनाने का विजन रखा गया है।
2017 से पहले और अब का फर्क
2017 से पहले प्रदेश में न आईटी को लेकर ठोस नीति थी, न ही डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर का विजन। डाटा सेंटर केवल कागजों तक सीमित थे और सॉफ्टवेयर एक्सपोर्ट नगण्य था। लेकिन 2017 के बाद हालात बदल गए। उत्तर भारत का पहला डाटा सेंटर गौतमबुद्ध नगर में स्थापित हुआ और अब कई और डाटा सेंटर बनने की तैयारी है। सॉफ्टवेयर एक्सपोर्ट में भी यूपी ने रिकॉर्ड कायम कर अपनी अलग पहचान बना ली है।
2030 तक लखनऊ और कानपुर में एआई सिटी बनाई जाएगी। एनसीआर, लखनऊ और नोएडा को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) हब के रूप में विकसित किया जाएगा। हर मंडल में इनक्यूबेटर स्थापित होंगे ताकि नए स्टार्टअप पनप सकें। सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक कम से कम 20 यूनिकॉर्न स्टार्टअप (1 अरब डॉलर मूल्यांकन वाले) तैयार हो सकें। साथ ही, इसरो के सहयोग से सैटेलाइट लॉन्चिंग कर आपदा प्रबंधन और मौसम पूर्वानुमान में नई क्रांति लाई जाएगी।

2047 का दीर्घकालिक विजन
योगी सरकार ने 2047 तक यूपी को एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग और ब्लॉकचेन का ग्लोबल लीडर बनाने का लक्ष्य तय किया है। तब तक 15 से 20 डेकाकॉर्न कंपनियां (10 अरब डॉलर मूल्य वाली) यूपी से निकलेंगी। राज्य को विश्वस्तरीय टेक्नोलॉजी कॉरिडोर बनाने पर काम होगा, जिससे यूपी भारत के आईटी निर्यात में सबसे बड़ा योगदान देने वाला राज्य बनेगा।
आईटी और टेक्नोलॉजी की इस यात्रा में युवाओं की अहम भूमिका होगी। सरकार का मकसद है कि 4 करोड़ से ज्यादा युवाओं को ग्लोबल स्किल्ड वर्कफोर्स के रूप में तैयार किया जाए। प्रदेश के पांच शैक्षणिक संस्थानों को दुनिया के टॉप-200 संस्थानों में शामिल करने की योजना है। इंडस्ट्री 4.0 के अनुरूप युवाओं को स्किल्स दी जाएंगी और वर्ल्ड-क्लास यूनिवर्सिटी व आरएंडडी सेंटर्स स्थापित होंगे।
6 ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी का सपना
‘विकसित यूपी @2047’ के तहत लक्ष्य है कि 2047 तक प्रदेश की अर्थव्यवस्था 6 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचे, जो भारत की अनुमानित जीडीपी का 20% होगी। अभी यूपी 353 बिलियन डॉलर की इकॉनमी है। इसे 2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर, 2036 तक 2 ट्रिलियन डॉलर और 2047 तक 6 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का रोडमैप तैयार किया गया है। इस दौरान प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय 26 लाख रुपये तक पहुंचाने का भी लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मानना है कि आईटी, एआई और स्किल डेवलपमेंट की ताकत से यूपी को भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया का टेक्नोलॉजी डेस्टिनेशन बनाया जा सकता है। इससे करोड़ों युवाओं को रोजगार मिलेगा और यूपी वैश्विक मानचित्र पर नई पहचान हासिल करेगा।
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