बीमा कर्मियों का 43वां अधिवेशन: संगठन सुदृढ़ीकरण और सार्वजनिक क्षेत्र की सुरक्षा पर जोर, तेज होगा संघर्ष
Sandesh Wahak Digital Desk: कानपुर डिवीजन इंश्योरेंस एम्प्लॉइज एसोसिएशन का 43वां अधिवेशन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस अधिवेशन में संगठन सुदृढ़ीकरण, सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियों की सुरक्षा और कर्मचारियों के हितों से जुड़े मुद्दे सबसे प्रमुख रहे। विभिन्न शाखाओं से आए लगभग 200 प्रतिनिधियों (जिनमें 50 महिला सदस्य भी शामिल थीं) ने नीतिगत निर्णयों के प्रभावों और भविष्य की रणनीति पर व्यापक चर्चा की।

निजीकरण के खिलाफ एकजुटता का आह्वान
अधिवेशन में अध्यक्ष अमित मिश्रा, महामंत्री मनोज कुमार और यूनियन लीडर राजीव निगम द्वारा प्रमुख रिपोर्टें प्रस्तुत की गईं। महामंत्री मनोज कुमार ने सार्वजनिक क्षेत्र पर बढ़ते दबाव और निजीकरण की कोशिशों के मद्देनजर संगठन को पहले से अधिक एकजुट रहने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्मचारी सुरक्षा, सेवा शर्तों और कार्यस्थल की चुनौतियों को लेकर संघर्ष और तेज किया जाएगा।

प्रमुख मांगें और मुद्दे
प्रतिनिधियों द्वारा शाखाओं से प्राप्त फीडबैक के आधार पर कर्मचारियों की मुख्य माँगे और समस्याएँ सामने आईं।
- कार्यदबाव: कर्मचारियों पर लगातार बढ़ता कार्यदबाव।
- रिक्त पद: रिक्त पदों पर नियुक्ति न होना।
- पेंशन: पुरानी पेंशन सिस्टम की बहाली की मांग।
- वेतन: वेतन पुनरीक्षण की मांग।
सदस्यों ने नागपुर मंडल की ओर से प्रस्तुत देशव्यापी आंदोलनों की जानकारी का भी उल्लेख किया, जो पब्लिक सेक्टर की भूमिका बनाए रखने की दिशा में चल रहे हैं।
संघर्ष जारी रखने का संकल्प
समापन सत्र में वरिष्ठ सदस्यों ने भावी रणनीति पर सुझाव दिए। यह तय किया गया कि आने वाले समय में कर्मचारी हितों और सार्वजनिक क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर बड़े स्तर पर अभियान चलाया जाएगा। अधिवेशन का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि एकता और सामूहिक शक्ति के बल पर संगठन कर्मचारियों के अधिकारों, पेंशन सुरक्षा और कार्य परिस्थितियों के सुधार के लिए लगातार संघर्ष जारी रखेगा।
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