Ayurveda Day: महिलाओं में हार्मोनल असंतुलन को दूर करने के 5 आयुर्वेदिक उपाय

Ayurveda Day: हर साल 23 सितंबर को आयुर्वेद दिवस मनाया जाता है। आयुर्वेद, भारत की एक प्राचीन चिकित्सा पद्धति है जो बीमारियों को जड़ से खत्म करने पर जोर देती है। यह न सिर्फ बीमारियों का इलाज करती है, बल्कि जीवनशैली में सुधार लाकर हमें स्वस्थ भी बनाती है। खासकर महिलाओं की स्वास्थ्य समस्याओं, जैसे PCOS, अनियमित पीरियड्स और हार्मोनल असंतुलन, के लिए आयुर्वेद में बेहतरीन इलाज मौजूद है। आइए जानते हैं, महिलाओं के हार्मोन को संतुलित रखने के 5 आयुर्वेदिक उपाय:

अश्वगंधा (Ashwagandha): यह जड़ी-बूटी तनाव बढ़ाने वाले हार्मोन कोर्टिसोल को कम करने में मदद करती है। अश्वगंधा थायरॉइड और एड्रेनल ग्लैंड्स के स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाती है, जिससे अप्रत्यक्ष रूप से प्रजनन हार्मोन भी नियंत्रित होते हैं।

शतावरी (Shatavari): महिलाओं की प्रजनन सेहत के लिए इसे सबसे अच्छी जड़ी-बूटियों में से एक माना जाता है। शतावरी एस्ट्रोजन हार्मोन को संतुलित करती है और पीरियड्स को नियमित बनाने में मदद करती है। इसका उपयोग अक्सर मासिक धर्म और मेनोपॉज के लक्षणों को कम करने के लिए किया जाता है।

योग और प्राणायाम: हार्मोन को संतुलित करने के लिए योग और प्राणायाम बहुत फायदेमंद हैं। भुजंगासन जैसे योगासन और अनुलोम-विलोम जैसी सांस की तकनीकें तंत्रिका तंत्र को शांत करती हैं, ब्लड सर्कुलेशन सुधारती हैं और हार्मोनल संतुलन बनाए रखती हैं।

अभ्यंग (Abhyanga): यह एक आयुर्वेदिक मसाज तकनीक है, जिसमें गुनगुने तिल या नारियल के तेल से पूरे शरीर की मालिश की जाती है। यह तनाव को कम करने और प्रजनन प्रणाली को पोषण देने में मदद करता है।

सही खान-पान (Diet): आयुर्वेद में आहार का बहुत महत्व है। अपने खाने में साबुत अनाज, मौसमी सब्जियां, ताजे फल, घी और हर्बल चाय को शामिल करें। यह वात, पित्त और कफ को संतुलित करता है। इसके अलावा, प्रोसेस्ड और ज्यादा ऑयली खाने से बचना चाहिए, क्योंकि यह हार्मोनल असंतुलन को बढ़ाता है।

इसके अलावा, दालचीनी और सौंफ की हर्बल चाय भी फायदेमंद होती है। दालचीनी इंसुलिन संवेदनशीलता को बेहतर बनाती है, जबकि सौंफ पाचन को दुरुस्त रखती है। ये दोनों मिलकर पीरियड्स के दर्द को कम करते हैं और हार्मोनल संतुलन बनाए रखते हैं। आयुर्वेद के अनुसार, जल्दी सोना और सूर्योदय के साथ उठना भी सेहत के लिए बहुत जरूरी है, क्योंकि यह हमारे शरीर की सर्कैडियन रिदम को बनाए रखता है।

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