लखनऊ विश्वविद्यालय का 68वां दीक्षांत समारोह, 80% पदक छात्राओं के नाम, राज्यपाल ने दिए कड़े निर्देश
Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राज्यपाल और राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति, आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में बुधवार को लखनऊ विश्वविद्यालय का 68वां दीक्षांत समारोह संपन्न हुआ। इस समारोह में 1,26,254 उपाधियां और 201 पदक दिए गए। राज्यपाल ने इस मौके पर आंगनबाड़ी केंद्रों को सशक्त बनाने के लिए 300 आंगनबाड़ी केंद्रों को किट और हेल्थ किट भी भेंट कीं।
बेटियों का दबदबा: 80% पदक किए अपने नाम
राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि इस साल पदक जीतने वालों में छात्राओं का प्रदर्शन सबसे बेहतरीन रहा। कुल पदकों में से लगभग 80% पदक बेटियों ने जीते। उन्होंने इसे उच्च शिक्षा में महिला सशक्तिकरण का एक प्रेरक उदाहरण बताया। उन्होंने इस बात पर भी गर्व जताया कि पदक पाने वाली छात्राओं में ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों की बेटियाँ शामिल थीं, जो दर्शाता है कि शिक्षा के माध्यम से गाँव की बेटियाँ भी राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा में जुड़ रही हैं।

अब विश्वविद्यालयों में सख्ती: 75% उपस्थिति अनिवार्य
राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक अनुशासन पर जोर देते हुए कुछ कड़े निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि सभी विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों की 75% उपस्थिति अनिवार्य होगी और इसे सख्ती से लागू किया जाएगा। अगर उपस्थिति निर्धारित सीमा से कम हुई, तो छात्र-छात्राओं को परीक्षा में बैठने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालयों में अब ‘बैक पेपर’ की सुविधा खत्म होनी चाहिए।
राज्यपाल ने शिक्षकों और शोधार्थियों को केवल पढ़ाने तक सीमित न रहकर लेखन, शोध और पेटेंट पर भी काम करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों ने भले ही बहुत शोध किए, लेकिन पेटेंट न होने के कारण उसका लाभ दूसरे देशों ने उठाया। इसलिए अब यह जरूरी है कि शोध के परिणामों का पेटेंट कराया जाए। उन्होंने ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करने के लिए शिक्षा, कौशल विकास और नवाचार पर जोर दिया।

इस दौरान, राज्यपाल ने पूर्व पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार को मानद उपाधि से सम्मानित किया। कार्यक्रम में बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण और बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं। साथ ही, राज्यपाल ने विश्वविद्यालय की नई पहल मनोमित्र: मेंटल हेल्थ एंड थेरप्यूटिक सॉल्यूशंस परामर्श केंद्र का भी उद्घाटन किया।
इस समारोह में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, राज्य मंत्री रजनी तिवारी, और विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर मनुका खन्ना समेत कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। सभी ने विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए बधाई दी।
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