7 साल की फरारी और 32 मुकदमे: UP STF ने सोनीपत से दबोचा 50,000 का इनामी लुटेरा बृजेश शर्मा
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश एसटीएफ की नोएडा यूनिट को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसटीएफ ने पिछले 7 सालों से फरार चल रहे शातिर अपराधी और 50 हजार रुपये के इनामी बृजेश शर्मा उर्फ बी.सी. उर्फ दीवान सिंह को हरियाणा के सोनीपत से गिरफ्तार कर लिया है। यह शातिर लुटेरा साल 2018 में एटा के कोतवाली नगर क्षेत्र में हुई एक बड़ी लूट के बाद से ही पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा था।
सोनीपत की फैक्ट्री एरिया में मिली लोकेशन
एएसपी राज कुमार मिश्रा और डिप्टी एसपी नवेंदु कुमार के नेतृत्व में एसटीएफ की टीम काफी समय से बृजेश की तलाश में जुटी थी। मुखबिर से पुख्ता जानकारी मिली कि आरोपी अपनी पहचान बदलकर सोनीपत के मोहन नगर (हरियाणा) की एक फैक्ट्री क्षेत्र में रह रहा है। मंगलवार सुबह करीब 8:10 बजे एसटीएफ और एटा पुलिस की संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर उसे धर दबोचा।
2005 में चोरी से शुरू किया था ‘करियर’
पूछताछ में 42 वर्षीय बृजेश शर्मा ने अपने जुर्म की लंबी कहानी बयां की। 10वीं पास बृजेश ने साल 2005 में पहली बार बाइक चोरी की थी। इसके बाद वह लूट की वारदातों में माहिर हो गया। साल 2015 में उसने हाथरस के सिकंदराराऊ में बैंक से पैसा निकालकर जा रहे एक व्यक्ति को गोली मारकर लूट लिया था। साल 2008 में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर एटा में एक सर्राफ को निशाना बनाया था। उसके खिलाफ एटा, अलीगढ़, हाथरस, मैनपुरी, फिरोजाबाद और कासगंज जैसे कई जिलों में लूट, हत्या के प्रयास और गैंगस्टर एक्ट के 32 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।
अलग-अलग जिलों में खौफ का पर्याय
बृजेश शर्मा ने बताया कि वह जेल से छूटने के बाद फिर से लूट की घटनाएं शुरू कर देता था। साल 2018 में एटा में हुई लूट के बाद वह फरार होकर हरियाणा भाग गया और वहां नाम बदलकर रहने लगा। पुलिस के अनुसार, उसने पश्चिमी यूपी के अलग-अलग जिलों में करीब ढाई दर्जन से अधिक वारदातों को अंजाम दिया है, जिनकी जांच अब नए सिरे से की जा रही है।
गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ ने उसे एटा की कोतवाली नगर पुलिस के हवाले कर दिया है। एटा पुलिस अब उसे कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेगी, जिससे उसके अन्य साथियों और बाकी वारदातों के बारे में भी सुराग मिल सके।
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