76 की उम्र में ऐनी कार्सन को मिला साहित्य का नोबेल, प्राचीन कथाओं को दिया आधुनिक रंग

Anne Carson Nobel Prize in Literature 2026: कनाडाई कवयित्री, निबंधकार और अनुवादक ऐनी कार्सन (Anne Carson) को 2026 का साहित्य का नोबेल पुरस्कार दिया गया है। 76 वर्षीय कार्सन को यह सम्मान उनकी ऐसी रचनाओं के लिए मिला है, जिनमें प्राचीन शास्त्रीय परंपरा और आधुनिक साहित्य के बीच नए रिश्ते दिखाई देते हैं। स्वीडिश अकादमी ने उनके लेखन को साहसिक और नए प्रयोग करने वाला बताया है।

कार्सन की सबसे बड़ी खासियत उनका अलग साहित्यिक अंदाज है। उनकी रचनाओं में कविता, गद्य, संवाद और अनुवाद एक साथ दिखाई देते हैं। वह प्राचीन यूनानी और रोमन साहित्य के पात्रों और कथाओं को आधुनिक संदर्भों से जोड़ती हैं। उनकी चर्चित किताबों में Eros the Bittersweet, Autobiography of Red और Men in the Off Hours शामिल हैं।

आइसलैंड में थीं, तभी आया नोबेल का फोन

Nobel Prize की घोषणा के समय Anne Carson आइसलैंड में थीं। स्वीडिश अकादमी की स्थायी सचिव इनग्रिड कार्लबर्ग के मुताबिक, जब उन्हें पुरस्कार की जानकारी देने के लिए फोन किया गया, तब वह हवा की आवाज सुन रही थीं और इस खबर से बेहद हैरान हुईं। कार्सन टोरंटो में पैदा हुईं और कई उत्तर अमेरिकी विश्वविद्यालयों में क्लासिक्स पढ़ा चुकी हैं। वह अपने पति रॉबर्ट करी के साथ आइसलैंड में रहती हैं। दोनों को 2022 में वहां की नागरिकता मिली थी।

प्राचीन साहित्य से मर्लिन मुनरो तक

कार्सन ने प्राचीन यूनानी साहित्य के कई महत्वपूर्ण ग्रंथों का अनुवाद भी किया है। इनमें सैफो की कविताओं पर आधारित If Not, Winter और सोफोक्लीज के Electra व Antigone शामिल हैं। उनके अनुवादों को भी स्वतंत्र साहित्यिक रचनाओं के रूप में देखा जाता है।

उनकी 2019 की रचना Norma Jeane Baker of Troy में मर्लिन मुनरो को प्राचीन यूनानी कथा की हेलेन ऑफ ट्रॉय से जोड़ा गया है। यही शैली उनके लेखन को अलग पहचान देती है।

इस साल साहित्य के नोबेल के साथ कार्सन (Anne Carson) को 1.2 करोड़ स्वीडिश क्रोनर, यानी करीब 12 लाख अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि मिलेगी।

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