Test Retirement: 8 महीने और 4 रिटायरमेंट… सूनी हुई भारतीय टेस्ट टीम, दिग्गजों की जगह भरना चुनौतीपूर्ण
Sandesh Wahak Digital Desk: भारतीय क्रिकेट के लिए यह साल बदलावों से भरा रहा है। बीते 8 महीनों में चार दिग्गज खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया है, जिनमें से तीन ने टेस्ट क्रिकेट और एक ने सभी फॉर्मेट्स से संन्यास लिया है।
इन खिलाड़ियों की विदाई ने भारतीय टेस्ट टीम में एक खालीपन पैदा कर दिया है, जिसकी भरपाई आसान नहीं होगी।
चेतेश्वर पुजारा ने कहा क्रिकेट को अलविदा
सबसे ताज़ा रिटायरमेंट भारतीय टेस्ट टीम की ‘दीवार 2.0’ चेतेश्वर पुजारा का रहा, जिन्होंने 24 अगस्त (रविवार) को क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने की घोषणा की। पुजारा काफी समय से टीम इंडिया से बाहर चल रहे थे, लेकिन उनका योगदान भुलाया नहीं जा सकता।

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टेस्ट करियर: 103 मैच, 7195 रन, 19 शतक, 35 अर्धशतक
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ऑस्ट्रेलिया में प्रदर्शन: 11 टेस्ट में 993 रन, 3 शतक
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वनडे करियर: 5 मैच, 51 रन
पुजारा की सबसे यादगार पारियों में ऑस्ट्रेलिया में 2018-19 और 2020-21 की सीरीज शामिल हैं, जहां उन्होंने भारत की ऐतिहासिक जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अश्विन, कोहली और रोहित भी ले चुके हैं विदा

1. रविचंद्रन अश्विन (संन्यास: 18 दिसंबर 2024)
भारतीय टीम के सबसे सफल ऑफ स्पिनरों में से एक अश्विन ने ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान सभी फॉर्मेट्स से संन्यास लिया।
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टेस्ट: 106 मैच, 537 विकेट, 3503 रन
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वनडे: 116 मैच, 156 विकेट
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T20: 65 मैच, 72 विकेट
2. रोहित शर्मा (संन्यास: 7 मई 2025)
‘हिटमैन’ रोहित ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया। उन्होंने भारत को कई अहम जीत दिलाई।
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टेस्ट: 67 मैच, 4301 रन, 12 शतक
3. विराट कोहली (संन्यास: 12 मई 2025)
कोहली के संन्यास ने फैंस को चौंका दिया। वे भारत के सबसे सफल टेस्ट कप्तान भी रहे।
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टेस्ट: 123 मैच, 9230 रन, 30 शतक
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कप्तानी में रिकॉर्ड: 68 टेस्ट में 40 जीत
एक युग का अंत… और एक नई शुरुआत की चुनौती
इन चार दिग्गजों — कोहली, रोहित, अश्विन और पुजारा — की मौजूदगी ने भारतीय टेस्ट क्रिकेट को एक पहचान दी। उनकी बदौलत भारत ने विदेशों में टेस्ट सीरीज़ जीतीं, घरेलू मैदान पर अपराजेय रिकॉर्ड बनाया और WTC फाइनल तक का सफर तय किया।
अब इनकी जगह भरने की जिम्मेदारी युवा खिलाड़ियों पर होगी। इंग्लैंड के खिलाफ हाल ही में कुछ नए चेहरों ने अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन इन अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी जैसा आत्मविश्वास और अनुभव हासिल करना समय लेगा।



