भारत आगे भी इंपोर्ट ड्यूटी में कटौतियां जारी रखेगा: FM निर्मला सीतारमण

Sandesh Wahak Digital Desk : भारत इंपोर्ट ड्यूटी को कम करने और उसमें तर्कसंगत बदलाव करने की प्रक्रिया जारी रखेगा, जबकि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अपनी मॉनिटरी पॉलिसी के जरिए महंगाई के असर को मैनेज करेगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ये बात मुंबई में बजट में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कही.

मुंबई में बजट के बाद प्रमुख स्टेकहोल्डर्स के साथ हुई चर्चा के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीतारमण ने कहा, ‘भारत ने पहले ही टैरिफ (आयात शुल्क) को तर्कसंगत बनाने को लेकर कई कदम उठाए हैं. एंटी-डंपिंग ड्यूटी की समय-समय पर समीक्षा की जाती है’. उन्होंने कहा, ‘ये बजट भारत के कस्टम ड्यूटी (सीमा शुल्क) व्यवस्था में सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम है. हम एक ऐसा देश बन रहे हैं जो निवेशकों के अनुकूल है.

RBI ने महंगाई को मैनेज किया: FM

ग्लोबल टैरिफ वॉर की वजह से इंपोर्टेड महंगाई के असर पर प्रतिक्रिया देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि रिजर्व बैंक ने लक्ष्य के मुताबिक महंगाई का प्रबंधन किया है और फरवरी में रेपो रेट में कटौती से पता चलता है कि कीमतों में बढ़ोतरी नियंत्रण में है, महंगाई का मैनेजमेंट और मॉनिटरी पॉलिसी एक साथ काम कर रही हैं’.

फाइनेंस सेक्रेटरी तुहीन कांत पांडे ने पिछले हफ्ते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान का जिक्र किया, जिसमें दोनों देशों ने वर्ष के अंत तक एक व्यापार समझौते के तहत टैरिफ नीतियों की समीक्षा करने पर सहमति जताई थी. उन्होंने कहा कि ज्यादातर अमेरिकी इंपोर्ट पर पहले से ही सबसे कम टैरिफ दरें लागू हैं और जिन कुछ चीजों पर टैरिफ लगता है, उन पर व्यापार वार्ता के दौरान चर्चा की जाएगी. फाइनेंस सेक्रेटरी ने कहा ‘हम नहीं जानते कि अमेरिका का टैरिफ किस सीमा तक लागू होगा, ऐसे टैरिफ केवल कुछ चीजों पर ही लगाए जा सकते हैं.’

बजट में किया था ऐलान

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2025 पेश करते हुए ऐलान किया था कि सरकार सात टैरिफ कस्टम दरों को हटा देगी और संशोधन के बाद केवल आठ टैरिफ दरें रखी जाएंगी. पिछले हफ्ते, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत की ओर से टैरिफ में कमी करने को अमेरिकी बाजारों तक पहुंच बढ़ाने के लिए एक अच्छे संकेत के रूप में स्वीकार किया.

उन्होंने 100 बिलियन डॉलर के अमेरिकी व्यापार घाटे का जिक्र करते हुए इसे कम करने के लिए और कदम उठाने की बात भी कही. दोनों देश 2030 तक 500 बिलियन डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार हासिल करने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं.

वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले दो बजट से रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) पर हमने काफी जोर दिया है. उम्मीद है कि R&D के लिए बाजार से 1 लाख करोड़ रुपये जुटाए जाएंगे. उन्होंने ये भी कहा कि सरकार ने कंपनियों पर कंप्लायंस का बोझ करने की दिशा में काम किया है. जिसके जल्द ही नतीजे दिखाई देना शुरू होंगे.

सीतारमण ने कहा हमने PLI के जरिए मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा दिया, बिजनेसेज पर कंप्लायंस का बोझ कम किया. हमारे सभी कदम सही दिशा में हैं. हम उम्मीद करते हैं कि इन सुधारों का फायदा कारोबारियों को मिलेगा. राज्य सरकारें भी कंप्लायंस से जुड़ी दिक्कतों को कम करने के लिए आगे आएंगी.

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