Israel-Hamas Agreement: बंधकों के शव और कैदियों की अदला-बदली पर बनी सहमति, युद्धविराम जारी रहने की उम्मीद
Israel-Hamas Agreement: इजरायल और हमास के बीच लंबे समय से चले आ रहे गतिरोध के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है, जिसके तहत मृत बंधकों के शवों और सैकड़ों फलस्तीनी कैदियों की अदला-बदली होगी। इस समझौते से युद्धविराम की अवधि कुछ और दिनों तक बढ़ने की संभावना है।
600 कैदियों की रिहाई पर बनी सहमति
इजरायल और हमास के अधिकारियों ने मंगलवार को पुष्टि की कि दोनों पक्षों के बीच हुए इस समझौते के तहत पहले चरण में 600 फलस्तीनी कैदियों को रिहा किया जाएगा। हालांकि, इजरायल ने इस प्रक्रिया में देरी कर दी थी, जिससे युद्धविराम के टूटने का खतरा मंडराने लगा था। इजरायल ने दावा किया कि हमास ने बंधकों के साथ अमानवीय व्यवहार किया है, जिसके कारण वह कैदियों की रिहाई को लेकर सतर्क रुख अपनाए हुए है।
हमास ने युद्धविराम उल्लंघन का आरोप लगाया
हमास ने इजरायल की इस देरी को युद्धविराम का गंभीर उल्लंघन बताया था। संगठन ने चेतावनी दी थी कि जब तक सभी कैदियों की रिहाई नहीं होती, तब तक आगे की बातचीत संभव नहीं होगी। इस गतिरोध के कारण युद्धविराम असफल होने की कगार पर पहुंच गया था, लेकिन अब नए समझौते से शांति प्रक्रिया को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
काहिरा में बनी सहमति
हमास के शीर्ष राजनीतिक नेता खलील अल-हय्या के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने काहिरा में वार्ता के दौरान इस समझौते को अंतिम रूप दिया। समझौते के तहत पहले इजरायली बंधकों के शव सौंपे जाएंगे और फिर फलस्तीनी कैदियों की रिहाई होगी।
क्या होगा आगे?
समझौते के मुताबिक, पहले रिहा किए जाने वाले कैदियों को इजरायली बंधकों के शव सौंपे जाने के तुरंत बाद छोड़ दिया जाएगा। इसके अलावा, फलस्तीनी कैदियों के एक नए समूह की रिहाई की भी योजना बनाई गई है।
बता दे, यह समझौता दोनों पक्षों के बीच तनाव को कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। हालांकि, इस प्रक्रिया के सफलतापूर्वक पूरा होने पर ही आगे के शांति प्रयासों की रूपरेखा तय होगी।

