Lucknow News: मुख्यमंत्री आवास के घेराव को निकले किसानों को पुलिस ने रोका, हुई धक्का-मुक्की

Sandesh Wahak Digital Desk: भारतीय किसान यूनियन (राष्ट्रीयतावादी) के सदस्य अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए आगे बढ़ रहे थे, जिन्हें पुलिस ने गोमती नगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के गेट नंबर-2 के पास रोक लिया। इस दौरान पुलिस और किसानों के बीच तीखी झड़प और धक्का-मुक्की भी हुई, जिसके बाद किसान वहीं धरने पर बैठ गए।

प्रशासन और किसानों के बीच टकराव

प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए प्रशासन ने भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया था। जब किसानों ने आगे बढ़ने की कोशिश की, तो पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया। इस दौरान पुलिस और किसानों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।

भारतीय किसान यूनियन (राष्ट्रीयतावादी) के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे 1 मार्च 2025 को मुख्यमंत्री आवास, कालीदास मार्ग, लखनऊ पर बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। किसानों का कहना है कि लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के भ्रष्ट अधिकारियों द्वारा उन्हें लगातार झूठे आश्वासन दिए जा रहे हैं। यदि किसी भी किसान को कोई नुकसान होता है, तो इसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।

किसानों की अन्य प्रमुख मांगें:

  • अवैध निर्माण का हटाया जाना – चिनहट तिराहे पर पिछले 24 वर्षों से अवैध निर्माण है, जिसे अभी तक हटाया नहीं गया है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) को इस अवैध निर्माण को तुरंत हटाने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।
  • भूमि अधिग्रहण का मुआवजा – 1984 में गोमती नगर उजिरियांव योजना फेस-1 और फेस-2 के तहत 18 गांवों की जमीन अधिग्रहित की गई थी। किसानों को आज तक पूरा मुआवजा नहीं मिला है। अब वे सर्किल रेट के हिसाब से भुगतान की मांग कर रहे हैं।
  • रोजगार का वादा पूरा किया जाए – एलडीए ने जमीन अधिग्रहण के समय किसानों को नौकरी देने का आश्वासन दिया था, जिसे अब तक पूरा नहीं किया गया है।
  • सामुदायिक सुविधाएं – किसानों के लिए प्रत्येक 18 गांव में एक बारात घर फ्री होल्ड में दिया जाए और एलडीए द्वारा पूर्व में चिन्हित स्थान पर निर्माण कार्य तुरंत शुरू किया जाए।
  • विकसित भूखंडों का आवंटन – 2016 में एलडीए बोर्ड की बैठक में यह प्रस्ताव पारित हुआ था कि उजिरियांव आवासीय योजना भाग-2 के अंतर्गत अर्जित भूमि के बदले किसानों को 100 वर्ग मीटर के भूखंड दिए जाएंगे। किसानों की मांग है कि यह आवंटन शीघ्र पूरा किया जाए।
  • लॉटरी की तारीख सुनिश्चित की जाए – 22 चबूतरों की लॉटरी की निश्चित तिथि घोषित की जाए।
  • रेल विहार के सामने 122 चबूतरों का विकास कार्य पूरा किया जाए।
  • बड़ा भरवारा गांव में श्मशान घाट का निर्माण और पंजीकरण किया जाए।
  • सभी गांवों में विकास कार्य किए जाएं।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

लखनऊ प्रशासन और एलडीए के अधिकारियों ने किसानों को आश्वासन दिया है कि उनकी मांगों पर विचार किया जाएगा। हालांकि, किसान संगठनों का कहना है कि यदि जल्द ही ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे।

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