जाति जनगणना कराएगी मोदी सरकार, कैबिनेट बैठक में अहम फैसला, शिलांग-सिलचर हाईवे को मिली मंजूरी
Sandesh Wahak Digital Desk: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज केंद्रीय मंत्रिमंडल की अहम बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए, जिनमें सबसे प्रमुख है – अगली जनगणना में जातियों की गिनती शामिल किया जाना। यह फैसला राजनीतिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCPA) की बैठक में लिया गया, जिसे ‘सुपर कैबिनेट’ के रूप में जाना जाता है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा यह एक ऐतिहासिक कदम है। अब जातीय जनगणना को मुख्य जनगणना का हिस्सा बनाया जाएगा, किसी अलग सर्वेक्षण के तहत नहीं। यह निर्णय देश की सामाजिक संरचना को समझने के लिए एक समग्र दृष्टिकोण का हिस्सा है।
उन्होंने बताया कि कुछ राज्य पहले ही अपने स्तर पर जातीय सर्वे कर चुके हैं, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर पहली बार ऐसा कदम उठाया जा रहा है। गौरतलब है कि आजादी के बाद से अब तक की जनगणनाओं में जातियों की गणना नहीं की गई थी।
केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस सरकारों ने हमेशा जातीय जनगणना का विरोध किया। वर्ष 2010 में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने लोकसभा में आश्वासन दिया था कि इस पर विचार होगा, लेकिन इसके बजाय केवल सामाजिक-आर्थिक और जाति आधारित सर्वेक्षण (SECC) ही किया गया।
इन्फ्रास्ट्रक्चर और किसानों के लिए भी बड़े फैसले
बैठक में पूर्वोत्तर भारत के लिए भी एक बड़ा निर्णय लिया गया। केंद्र सरकार ने शिलांग से सिलचर के बीच नए हाईवे के निर्माण को मंजूरी दी है, जिसकी कुल लागत 22,864 करोड़ रुपये होगी। इसके अलावा, किसानों को राहत देते हुए 2025-26 गन्ना सत्र के लिए 355 रुपये प्रति क्विंटल का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) निर्धारित किया गया है। CCPA में प्रधानमंत्री मोदी के साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल शामिल हैं।
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