Gonda News: बीस साल में अकूत संपत्ति का मालिक बन गया बेसिक शिक्षा के लेखा विभाग का लिपिक!
Sandesh Wahak Digital Desk/A.R.Usmani: गोण्डा जिले में बेसिक शिक्षा के लेखा विभाग में पिछले 20 वर्षों से एक ही पटल पर तैनात लिपिक अनुपम पाण्डेय अकूत संपत्ति का मालिक बन बैठा। अलीगढ़ व लखनऊ में दो मकान के साथ ही गोण्डा में उसके चार आलीशान मकान हैं। अनुपम पाण्डेय के राजसी ठाट-बाट का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जनवरी 2024 में उसकी बेटी दुबई गयी थी।
लाखों रुपये की हेराफेरी का आरोप
वहां वह जिस होटल में रूकी थी, उसका एक रात का किराया लगभग 77000 रुपए था, जबकि एक थाली भोजन की कीमत 6500 और एक बोतल पानी की कीमत 700 रूपए थी। जिले के बेसिक शिक्षा का लेखा विभाग आए दिन भ्रष्टाचार को लेकर सुर्खियों में रहता है। यहां पिछले 20 वर्षों से तैनात लिपिक अनुपम पांडेय की पत्नी कुमुद लता पांडेय का प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक में खाता है, जो 16 नवंबर 2015 को खोला गया है।

लिपिक अनुपम पांडेय द्वारा अपनी पत्नी को बंशीधर लघु माध्यमिक विद्यालय मिश्रौलिया तामापार, गोण्डा में सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्ति दर्शाकर उक्त खाते में सरकारी कोष से धनराशि ट्रांसफर करना प्रारंभ किया गया। 18 जनवरी 2016 को उक्त बैंक खाते में 17 लाख 30 हजार 931 रुपए की धनराशि ट्रांसफर की गयी।
इसी खाते में मार्च 2019 में वेतन की राशि ट्रांसफर की गयी है। आईडीबीआई बैंक में भी अपनी पत्नी के नाम से खाता खुलवाकर लिपिक अनुपम पाण्डेय द्वारा अप्रैल 2019 से लाखों रूपए वेतन ट्रांसफर किए गए। इसके अलावा लिपिक द्वारा अपनी साली को वर्ष 2017 में फर्जी डिग्री के आधार पर सहायक अध्यापक के पद पर कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय करमा छपरा में कार्यरत दिखाकर वर्ष 1998 से वर्ष 2023 तक वेतन के रूप में लाखों रुपए निकालकर वर्ष 2023 में उसकी सेवानिवृत्ति कराकर पेंशन, फंड तथा ग्रेच्युटी आदि का भुगतान कर दिया गया।

सवाल यह उठता है कि एक वेतनभोगी कर्मी की आय निश्चित होती है, लेकिन लेखा विभाग के लिपिक अनुपम पांडेय और उसके परिवार के सदस्यों तथा नौकरों के पास इतनी अकूत संपत्ति होने से साफ परिलक्षित होता है कि उनके द्वारा व्यापक स्तर पर वित्तीय अनियमितता की गयी है।
लखनऊ व अलीगढ़ में तीन तथा गोण्डा में खड़ा कर लिया चार आलीशान मकान
अनुपम पांडेय द्वारा अनुचित लाभ लेकर अपने चहेतों को लाभ पहुंचाया गया है। सवाल यह भी उठाया जा रहा है कि आखिर एक मामूली लिपिक के पास इतना धन कहां से आ गया कि लखनऊ जैसे महानगर में तीन मकान बनवा लिया। एक मकान निर्माणाधीन बताया जा रहा है, वहीं गोण्डा में 4 आलीशान मकान कहां से आ गए? आखिर लिपिक अनुपम पाण्डेय के परिजनों और नौकरों के खातों में इतना रूपया कहां से आ गया? इनकी पत्नी के खातों में सरकारी कोष से इतना पैसा क्यों ट्रांसफर किया गया? आरोप है कि अनुपम पांडेय ने अपने सगे संबंधियों और नौकरों के नाम तमाम लग्जरी गाडिय़ां खरीद रखी हैं।
स्कोडा गाड़ी अल्पना पांडेय के नाम पर, फॉर्चुनर गाड़ी अतुल कुमार श्रीवास्तव के नाम पर, आई 20 गाड़ी अनुपम पाण्डेय ने स्वयं के नाम, एक बाइक आदर्श के नाम, एक जावा गाड़ी कमलेश चंद्र के नाम, एक एमजी हेक्टर गाड़ी अजय के नाम, एक इनोवा क्रिस्टा मीनाक्षी के नाम, एक टोयोटा ग्लैंजा अमित बाजपेयी के नाम और एक थार अज्ञात के नाम लिए जाने का आरोप लगाया है।

बीजेपी विधायक प्रेम नारायण पाण्डेय ने की सीएम से शिकायत
तरबगंज से भाजपा विधायक प्रेमनारायण पाण्डेय ने आरोप लगाया है कि लिपिक अनुपम पाण्डेय के भाई के पास एक वेगनआर कार, होंडा सिटी कार है, जो बलरामपुर में है। एक बजाज की बाइक उनके भाई के लडक़े के पास है। दो स्कूटी उनके घर पर है, जिसमें से एक इनका नौकर व दूसरा इनका लडक़ा आर्यन पांडेय चलाता है। लिपिक अनुपम पांडेय के पास पांच नौकर अमित कुमार, अजय कुमार, प्रवीण मिश्रा, दिलीप व कमलचंद जोशी हैं। इनमें से अमित कुमार बाराबंकी का रहने वाला है।

अनुपम पाण्डेय का प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक, पंतनगर, गोण्डा में खाता है, जिसमें वह अपनी काली कमाई जमा करता है। नौकर अजय कुमार व दिलीप कुमार के खातों के साथ ही अपने भाई अमित पांडेय के खाते में भी अपनी काली कमाई जमा करता है। इन सभी खातों की भी जांच कराई जानी चाहिए। विधायक प्रेमनारायण पाण्डेय ने बताया कि उन्होंने लिपिक के भ्रष्टाचार के संबंध में 17 मार्च 2025 को पत्र दिया था। इसके बावजूद वित्त एवं लेखा अधिकारी बेसिक शिक्षा विभाग के कार्यालय में तैनात लिपिक अनुपम पांडेय के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गयी। विधायक ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत की है।
प्रमुख सचिव गृह ने कमिश्नर को दिए जांच कराकर कार्रवाई के निर्देश
भाजपा विधायक प्रेम नारायण पाण्डेय द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर लेखा विभाग के लिपिक अनुपम पांडेय पर लगाए गए धनउगाही, अनैतिक तरीके से अकूत संपत्ति एकत्रित करने जैसे गंभीर आरोपों पर प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद द्वारा पूरे मामले में कमिश्नर देवी पाटन मंडल को बिंदुवार शिकायतों की जांच सक्षम अधिकारी से कराकर विधि सम्मत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
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