यूपी के 3 जीएसटी अफसर निलंबित, 10 करोड़ रुपये टैक्स चोरी का लगा आरोप
Sandesh Wahak Digital Desk : उत्तर प्रदेश में एक बोगस फर्म द्वारा 10 करोड़ रुपये से ज्यादा की टैक्स धोखाधड़ी के मामले में राज्य कर विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रायबरेली के दो वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। ये कार्रवाई राजधानी इंटरप्राइजेज नाम की एक फर्जी कंपनी के जरिए की गई टैक्स चोरी के मामले में की गई है, जिसमें सरकार को भारी राजस्व नुकसान हुआ है। निलंबित अधिकारियों में राज्यकर खंड-1 रायबरेली के उपायुक्त मनीष कुमार और सहायक आयुक्त रितेश कुमार बरनवाल शामिल हैं। इन पर आरोप है कि इन्होंने फर्जी फर्म के साथ मिलीभगत कर राज्य से बाहर 10 करोड़ 76 लाख रुपये से अधिक की IGST ITC (इनपुट टैक्स क्रेडिट) को गलत तरीके से भेजने में भूमिका निभाई।
राज्य कर विभाग की शुरुआती जांच में दोनों अधिकारियों की संलिप्तता सामने आने पर विशेष सचिव श्याम प्रकाश नारायण ने मंगलवार को दोनों के निलंबन के आदेश जारी किए। जांच पूरी होने तक दोनों अधिकारियों को संयुक्त आयुक्त राज्यकर कार्यालय, बांदा से संबद्ध किया गया है।
कैसे हुआ घोटाला?
राजधानी इंटरप्राइजेज (GSTIN: 09AVCPS6723M2ZY) नाम की इस फर्जी फर्म ने बिना कोई वास्तविक व्यापार किए 21 अप्रैल 2025 को GSTR-3B रिटर्न दाखिल करते हुए फर्जी तरीके से IGST ITC का दावा किया और उसे राज्य से बाहर ट्रांसफर कर दिया। यह रकम ₹10.76 करोड़ से भी ज्यादा थी।
जांच चल रही है
मामले की जांच की जिम्मेदारी अपर आयुक्त राज्यकर (कानपुर-प्रथम) सैमुअल पाल एन. को सौंपी गई है। उन्हें एक महीने के भीतर शासन को विस्तृत रिपोर्ट सौंपनी है।
सरकार का कहना है कि टैक्स चोरी या भ्रष्टाचार के मामलों में किसी को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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