यूट्यूबर मनीष कश्यप ने थामा जन सुराज का दामन, प्रशांत किशोर की मौजूदगी में जॉइन की पार्टी
Sandesh Wahak Digital Desk: बिहार के चर्चित यूट्यूबर और नवोदित राजनेता मनीष कश्यप ने आखिरकार अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर विराम लगा दिया है। सोमवार को पटना स्थित बापू भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने जन सुराज पार्टी की औपचारिक सदस्यता ग्रहण कर ली।
इस मौके पर चुनावी रणनीतिकार से राजनेता बने जन सुराज अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर स्वयं मौजूद थे। उन्होंने मनीष कश्यप का गर्मजोशी से पार्टी में स्वागत किया और उन्हें “व्यवस्था परिवर्तन के लिए एक सशक्त आवाज़” बताया।
बदलते संकेत पहले से थे साफ़
मनीष कश्यप, जिनका असली नाम त्रिपुरारी कुमार तिवारी है, पिछले साल लोकसभा चुनाव से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल हुए थे। लेकिन बीते 8 जून को उन्होंने एक फेसबुक लाइव के ज़रिए पार्टी से इस्तीफा देते हुए कहा था कि “अब मैं बीजेपी का सक्रिय सदस्य नहीं हूं।”
इसके बाद से ही उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म था। खास बात यह रही कि इस्तीफे के बाद मनीष कश्यप पीले गमछे में दिखाई देने लगे जो जन सुराज का चिन्ह बन चुका है। उनके सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो में भी पीले रंग का इस्तेमाल बढ़ गया, जिससे अटकलें और तेज़ हो गई थीं कि वे प्रशांत किशोर की अगुवाई वाली जन सुराज पार्टी में शामिल हो सकते हैं।
सोशल मीडिया पर भी दिए संकेत
जन सुराज में शामिल होने की पुष्टि से एक दिन पहले मनीष कश्यप ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर कुछ तस्वीरें साझा की थीं। इन तस्वीरों में वे प्रशांत किशोर और जन सुराज के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह के साथ नजर आ रहे थे। तस्वीरों के साथ उन्होंने केवल “7 जुलाई, बापू भवन” कैप्शन लिखा था, लेकिन पार्टी का नाम साफ तौर पर उल्लेख नहीं किया गया था। इसके बाद से ही उनके समर्थक इस फैसले का औपचारिक ऐलान होने का इंतजार कर रहे थे।
प्रशांत किशोर ने क्या कहा?
कार्यक्रम के दौरान प्रशांत किशोर ने मनीष कश्यप का स्वागत करते हुए कहा, बिहार में जो लोग व्यवस्था परिवर्तन की इच्छा रखते हैं, उन्हें एक साथ आना चाहिए। जन सुराज ऐसी ही एक विचारधारा है जो सत्ता नहीं, व्यवस्था बदलने की बात करती है। मनीष जैसे जागरूक और प्रभावशाली युवाओं का साथ आना इस आंदोलन को ताकत देगा।
उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले मनीष कश्यप ने प्रशांत किशोर से व्यक्तिगत मुलाकात भी की थी, जिसमें उन्होंने उन्हें संविधान की प्रति भेंट की थी। यह मुलाकात भी राजनीतिक गलियारों में कई संदेश छोड़ गई थी।
मनीष कश्यप की जन सुराज पार्टी में एंट्री सिर्फ एक व्यक्तिगत फैसला नहीं, बल्कि बिहार की बदलती राजनीतिक धाराओं की झलक भी देती है। अब देखना होगा कि सोशल मीडिया से उठकर जनता के बीच पहचान बनाने वाला यह चेहरा, प्रशांत किशोर के ‘व्यवस्था परिवर्तन’ के मिशन में कितनी भूमिका निभा पाता है।
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