सिद्धार्थनगर में दो दिवसीय आम महोत्सव का समापन, सांसद जगदंबिका पाल ने किसानों को किया सम्मानित
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में आम को लेकर पहली बार एक अनोखी पहल की गई। “आम का स्वाद है, किसान का सम्मान है” के संदेश के साथ दो दिवसीय प्रथम आम महोत्सव का आयोजन जिले के अलंकृत उद्यान पार्क में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस आयोजन के जरिए जहां आम के महत्व को उजागर किया गया, वहीं किसानों की आमदनी बढ़ाने और जनमानस में बागवानी के प्रति जागरूकता लाने का संदेश भी दिया गया।
भारत दुनिया का सबसे बड़ा आम उत्पादक देश, और उत्तर प्रदेश नंबर एक राज्य: सांसद पाल
महोत्सव के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि सांसद जगदंबिका पाल ने कहा, “भारत आज विश्व का सबसे बड़ा आम उत्पादक देश है और इस क्षेत्र में उत्तर प्रदेश सबसे आगे है। किसान अगर फल और फूलों की बागवानी की ओर ध्यान दें तो उनकी आय में कई गुना वृद्धि हो सकती है। सिद्धार्थनगर के किसान जिस तरह काला नमक चावल से प्रसिद्ध हुए हैं, उसी तरह आम की खेती से भी अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं।”

पीएम मोदी का मंडियों और फलों के निर्यात पर विशेष फोकस
सांसद पाल ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फोकस कृषि सुधार के साथ-साथ मंडियों के आधुनिकीकरण और फलों के संरक्षण व निर्यात पर भी है। आम एक कच्चा फल है, लेकिन इससे जूस, पल्प, अचार जैसी कई चीजें बनाई जाती हैं। हमें इन उत्पादों के भंडारण और प्रसंस्करण पर ध्यान देना होगा, ताकि किसान को उसका पूरा लाभ मिल सके।
सांसद ने लोगों से अपील की कि हर कोई अपने घर, खेत या गली में कम से कम एक आम का पेड़ जरूर लगाए। साथ ही नीम, पीपल, सहजन, पाकड़ और बरगद जैसे वृक्ष भी लगाएं, जिससे पर्यावरण भी शुद्ध हो और आने वाली पीढ़ियों को बेहतर जीवन मिले।
प्रतियोगिताएं और पुरस्कार से महोत्सव में जुड़ा उत्साह
महोत्सव के दौरान कई रोचक प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। खासकर बच्चों के लिए एक और दो मिनट में आम खाने की प्रतियोगिता आकर्षण का केंद्र रही। विजयी प्रतिभागियों को सांसद जगदंबिका पाल, परियोजना निदेशक नागेन्द्र मोहन राम त्रिपाठी, और जिला उद्यान अधिकारी नन्हे लाल वर्मा ने प्रमाणपत्र और पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
प्रशंसा के पात्र बने किसानों और उद्यमियों के स्टॉल
कार्यक्रम के दौरान सांसद पाल ने विभिन्न आम की प्रजातियों, पौधों, और आम से बने उत्पादों के स्टॉल का अवलोकन किया। इसके अलावा बैंकों द्वारा लगाए गए स्टॉल ने भी प्रतिभागियों और आगंतुकों का ध्यान खींचा। सांसद ने इन प्रयासों की सराहना की और आयोजकों को बधाई दी।

जनपद में नया इतिहास लिखने की शुरुआत: जिला उद्यान अधिकारी
कार्यक्रम में आभार व्यक्त करते हुए जिला उद्यान अधिकारी नन्हे लाल वर्मा ने कहा यह महोत्सव सिर्फ आम का नहीं, बल्कि जिले में कृषि और बागवानी को नई पहचान देने का प्रयास है। यह आयोजन भविष्य में सिद्धार्थनगर को आम उत्पादन का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
अन्य गणमान्य और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
महोत्सव का उद्घाटन विधायक बांसी जय प्रताप सिंह, विधायक कपिलवस्तु श्यामधनी राही, एमएलसी ध्रुव कुमार त्रिपाठी, जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर.आर. और मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया था। समापन कार्यक्रम में सांसद प्रतिनिधि एसपी अग्रवाल, भाजपा नेता शिवनाथ चौधरी, स्कूली बच्चे, किसान, व्यापारी और अधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
सिद्धार्थनगर में पहली बार आयोजित हुआ आम महोत्सव न केवल एक सांस्कृतिक उत्सव था, बल्कि किसानों को प्रोत्साहन देने और आम को एक ब्रांड के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक अहम कदम भी था। आने वाले वर्षों में इसे और भव्य रूप दिया जाएगा और यह आयोजन जिले की पहचान का हिस्सा बनेगा।
Also Read: ‘बिहार आओ, पटक कर मारेंगे’, महाराष्ट्र भाषा विवाद में बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे की धमकी

