Lucknow: 10 लाख की चरस के साथ दो तस्कर गिरफ्तार, STF की टीम ने की कार्रवाई
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय दो तस्करों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से 1.540 किलोग्राम चरस बरामद की गई है। बरामद मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 10 लाख रुपये आंकी गई है।
गिरफ्तार किए गए तस्करों की पहचान मनीष तिवारी, निवासी गोरखपुर, और सुधीर पांडेय, निवासी सारण, बिहार के रूप में हुई है। दोनों आरोपी नेपाल से भारत में चरस की तस्करी करने वाले एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह से जुड़े बताए जा रहे हैं।
कहां से हुई गिरफ्तारी?
एसटीएफ की टीम ने इन तस्करों को लखनऊ के विभूतिखंड थाना क्षेत्र स्थित वीराज टावर के पास से उस वक्त पकड़ा, जब वे चरस की खेप लेकर गोरखपुर की ओर रवाना होने वाले थे। गिरफ्तारी रात करीब 8:15 बजे की गई।

क्या-क्या बरामद हुआ?
- 1.540 किलोग्राम चरस (अंतरराष्ट्रीय बाजार मूल्य लगभग ₹10 लाख)
- ₹1550 नकद
- दो मोबाइल फोन
- एक आधार कार्ड
मुखबिर की सूचना से मिली सफलता
एसटीएफ को बीते कुछ समय से सूचना मिल रही थी कि नेपाल के रास्ते उत्तर प्रदेश में मादक पदार्थों की तस्करी करने वाला एक गिरोह सक्रिय है। इसी कड़ी में पुलिस उपाधीक्षक प्रमेश कुमार शुक्ला के नेतृत्व में एसटीएफ की एक विशेष टीम गठित की गई। 7 जुलाई की रात एक मुखबिर ने सूचना दी कि दो व्यक्ति कानपुर से चरस लेकर लखनऊ होते हुए गोरखपुर जा रहे हैं। टीम ने तत्परता दिखाते हुए उपनिरीक्षक जावेद आलम के नेतृत्व में कार्रवाई की और दोनों आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ लिया।
पूछताछ में सामने आए चौंकाने वाले खुलासे
पूछताछ के दौरान दोनों तस्करों ने बताया कि मनीष तिवारी के पिता संतोष तिवारी, पिछले ढाई वर्षों से नेपाल के वीरगंज जेल में एक एक्सीडेंट केस में बंद हैं। वहीं, सुधीर पांडेय भी दो साल तक उसी जेल में रहा है, जहां उसकी मुलाकात संतोष से हुई थी। जेल से छूटने के बाद वीरगंज निवासी संजीत शाह, जो नेपाल से भारत में चरस की तस्करी करता है, ने सुधीर और मनीष को चरस लाने की जिम्मेदारी दी।
यह खेप गोरखपुर पहुंचाई जानी थी, जहां से इसे हरियाणा के रोहतक निवासी बलजीत उर्फ ‘ताऊ’ के बेटे को सौंपा जाना था। हालांकि पैसे की कमी के चलते 10 किलोग्राम की डील अधूरी रह गई और केवल 1.5 किलो चरस ही सौंपा गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों के खिलाफ विभूतिखंड थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आगे की विधिक कार्रवाई स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही है।
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