‘मनमानी करोगे तो ठीक कर देंगे’, बुलडोजर एक्शन पर भड़के BJP विधायक, SDM को दी चेतावनी
Sandesh Wahak Digital Desk: बांदा जिले के बीजेपी के सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह है उनका एक वीडियो, जिसमें वे बबेरू के एसडीएम रजत वर्मा को फोन पर कड़ी फटकार लगाते हुए नजर आ रहे हैं। वायरल हो रहे वीडियो में विधायक एसडीएम को “आदत सुधारने” और “नौकरी करना सिखा देने” की चेतावनी देते सुनाई दे रहे हैं।
क्या है मामला?
पूरा विवाद बबेरू कस्बे का है, जहां कोऑपरेटिव सोसायटी के परिसर में बने एक पुराने मकान को पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में बुलडोजर से गिरा दिया गया। बताया जा रहा है कि यह मकान गोलू पांडेय नाम के व्यक्ति का था। ध्वस्तीकरण के बाद गोलू ने विधायक द्विवेदी से संपर्क किया और अपनी आपबीती बताई। इसके तुरंत बाद विधायक मौके पर पहुंचे और वहीं से एसडीएम को फोन कर जमकर नाराजगी जाहिर की।
वीडियो में विधायक कहते हैं, “अगर किसी के मिशन को पूरा करने बबेरू आए हो तो अपनी आदत सुधार लो। पहले अनुरोध करेंगे, फिर आग्रह करेंगे, और अगर फिर भी नहीं माने तो हम खुद आकर सब ठीक कर देंगे। ये हमारा वादा है।”
पहले भी रहे हैं विवादों में
यह कोई पहला मौका नहीं है जब विधायक प्रकाश द्विवेदी किसी प्रशासनिक अधिकारी से उलझे हों। इससे पहले भी उन पर एक एसडीएम से मारपीट और अभद्र व्यवहार का आरोप लग चुका है।
विधायक ने क्या कहा?
बबेरू में पत्रकारों से बातचीत में विधायक ने बताया कि गोलू पांडेय ने उन्हें फोन पर जानकारी दी कि एसडीएम और कोऑपरेटिव समिति के लोग उसका मकान गिरा रहे हैं। उन्होंने सीधे तौर पर जिला पंचायत अध्यक्ष सुनील पटेल पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे पहले कोऑपरेटिव समिति के अध्यक्ष रह चुके हैं और उनकी रिश्तेदारी के कई लोगों के नाम पर वहां दुकानें हैं। उन्हीं के इशारे पर प्रशासन को गुमराह कर मकान गिरवाया गया।
विधायक के मुताबिक, गृहस्वामी के पास मकान से जुड़े सभी वैध दस्तावेज मौजूद थे, बावजूद इसके बिना किसी नोटिस के बुलडोजर चलवा दिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मकान गिराए जाने के वक्त घर के सभी सदस्य मौजूद थे और घर का पूरा सामान भी अंदर ही रखा था। महिलाओं को महिला पुलिस द्वारा कोतवाली भेज दिया गया।
प्रशासन पर भी निशाना
विधायक ने जिलाधिकारी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि “डीएम को कुछ समझ में नहीं आता, जो अधीनस्थ अफसर समझा देते हैं वही मान लेते हैं। अगर प्रशासन ऐसे ही चलेगा तो जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”
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