IND vs ENG: हार के बावजूद रवींद्र जडेजा ने रचा इतिहास, लॉर्ड्स टेस्ट में 73 साल बाद दोहराया खास कारनामा
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Sandesh Wahak Digital Desk: भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए रोमांचक टेस्ट मुकाबले में भले ही टीम इंडिया को 22 रन से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन रवींद्र जडेजा ने इस मुकाबले में ऐतिहासिक प्रदर्शन कर सभी का दिल जीत लिया।
जडेजा लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर टेस्ट मैच की दोनों पारियों में अर्धशतक लगाने वाले सिर्फ दूसरे भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं।
इससे पहले यह उपलब्धि 1952 में वीनू मांकड़ ने हासिल की थी, जिन्होंने पहली पारी में 72 और दूसरी पारी में 184 रन बनाए थे। जडेजा ने इस टेस्ट में पहली पारी में 72 रन और दूसरी पारी में 181 गेंदों पर नाबाद 61 रन की जुझारू पारी खेली। उन्होंने अपनी दूसरी पारी में 4 चौके और 1 छक्का लगाया।
भारतीय पारी के दौरान जब टॉप ऑर्डर बुरी तरह बिखर गया, तब मिडिल ऑर्डर में एकमात्र जडेजा ही थे जिन्होंने टीम को संभाले रखा। टीम इंडिया के सात बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर सके।
अंत में जब जडेजा Tailenders के साथ क्रीज पर डटे थे, तब भी भारत की उम्मीदें कायम थीं। लेकिन आखिरी विकेट मोहम्मद सिराज के रूप में गिरा, जब शोएब बशीर की गेंद उनके बल्ले से लगकर स्टंप्स में जा लगी।
इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया और जो रूट के शानदार शतक की बदौलत पहली पारी में 387 रन बनाए। जवाब में भारत ने भी 387 रन बनाए, जिसमें केएल राहुल के शतक और जडेजा के अर्धशतक ने अहम भूमिका निभाई।
दूसरी पारी में इंग्लैंड की टीम 192 रनों पर सिमट गई और भारत को जीत के लिए 193 रन का लक्ष्य मिला। लेकिन दूसरी पारी में भारतीय बल्लेबाज बुरी तरह फ्लॉप रहे।
यशस्वी जायसवाल खाता नहीं खोल सके, करुण नायर सिर्फ 14 रन बनाकर आउट हो गए। कप्तान शुभमन गिल (6), ऋषभ पंत (9), वाशिंगटन सुंदर (0) और नितीश रेड्डी (13) भी जडेजा का साथ नहीं दे सके।
जब एक के बाद एक विकेट गिरते गए, तब जडेजा ने मोर्चा संभालते हुए अंत तक हार नहीं मानी। उन्होंने गेंदबाजों के साथ संघर्ष किया और उम्मीदें बनाए रखीं, लेकिन अंततः भारत 170 रन पर ऑलआउट हो गया।
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