Siddharthnagar News: मेडिकल कॉलेज में CPR ट्रेनिंग, डमी पर सीखी गई ज़िंदगी बचाने की तकनीक
Sandesh Wahak Digital Desk: अगर सही वक्त पर CPR दिया जाए, तो एक ज़िंदगी को वापस लाया जा सकता है। ये बात डॉ. नम्रता भारती, नवजात शिशु रोग विभागाध्यक्ष, माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज, सिद्धार्थनगर ने मंगलवार को कही।
कॉलेज में आयोजित एक विशेष प्रशिक्षण सत्र में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को Pediatric CPR (Cardiopulmonary Resuscitation) की बारीकियाँ सिखाई गईं। मॉक डमी (Dummy) की मदद से यह लाइफ सेविंग ट्रेनिंग कराई गई, जिसमें जेआर डॉक्टरों और नर्सिंग ऑफिसर्स ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

क्यों जरूरी है CPR ट्रेनिंग?
डॉ. नम्रता ने बताया कि CPR एक ऐसा आवश्यक और जीवनरक्षक कौशल है, जिसे न केवल मेडिकल स्टाफ बल्कि आम नागरिकों को भी जानना चाहिए। यह तकनीक आपातकालीन स्थितियों, खासकर हार्ट अटैक या सांस रुकने की स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया देने की क्षमता देती है, जिससे मरीज की जान बचाई जा सकती है।

ट्रेनिंग में क्या सिखाया गया?
- CPR का परिचय
- हृदय और श्वसन तंत्र की भूमिका
- हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट का अंतर
- कब और क्यों जरूरी है CPR देना
- BLS प्रोटोकॉल (Basic Life Support):
- CAB – Circulation, Airway, Breathing
- छाती पर सही तरीके से दबाव देना (Chest Compressions)
- मुँह से मुँह सांस देना (Rescue Breaths)
प्रैक्टिकल ट्रेनिंग:
- मैनिकिन (Dummy) पर हाथों से प्रैक्टिस
- 100–120 दबाव प्रति मिनट की रफ्तार बनाए रखना
- AED (Automated External Defibrillator) का सही इस्तेमाल
इसके क्या हैं फायदे?
- आपात स्थिति में तुरंत सही फैसला लेने की क्षमता बढ़ती है
- मरीज के बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है
- प्रोफेशनलिज़्म और आत्मविश्वास में भी इज़ाफा होता है
- यह ट्रेनिंग सिर्फ डॉक्टरों या नर्सों के लिए नहीं, बल्कि सामान्य जनता के लिए भी बेहद उपयोगी साबित हो सकती है।
रिपोर्ट: जाकिर खान।
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