‘ये कांवड़िये नहीं बल्कि सत्ता…’, स्वामी प्रसाद मौर्य के विवादित बयान के बाद बवाल, लखनऊ स्थित घर की बढ़ाई गई सुरक्षा
Sandesh Wahak Digital Desk: पूर्व मंत्री और राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य एक बार फिर अपने बयान को लेकर विवादों में घिर गए हैं। कांवड़ियों को लेकर दिए गए उनके विवादित बयान के बाद विश्व हिंदू रक्षा परिषद ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने मौर्य के लखनऊ स्थित घर का “जलाभिषेक” करने की चेतावनी दी, जिसके बाद उनके घर के बाहर सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है।
गुरुवार सुबह, विश्व हिंदू रक्षा परिषद के कुछ सदस्य स्वामी प्रसाद के आवास के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे, लेकिन पहले से तैनात पुलिस बल ने उन्हें रोक दिया। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए इलाके में भारी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।
क्या कहा था स्वामी प्रसाद मौर्य ने?
स्वामी प्रसाद मौर्य ने हाल ही में एक बयान में कांवड़ यात्रा को लेकर सरकार और श्रद्धालुओं पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था भगवान शिव इतने भोले हैं कि उन्हें भोलेबाबा कहा जाता है, लेकिन उनके नाम पर कांवड़ यात्रा में उपद्रव और तोड़फोड़ की जा रही है। ये श्रद्धालु नहीं, बल्कि सत्ता संरक्षित गुंडे हैं।
मौर्य ने यह भी दावा किया कि कांवड़ियों के ‘उपद्रवों’ की रिकॉर्डिंग उपलब्ध है, लेकिन प्रशासन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा। उन्होंने सीधे तौर पर सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि इन तत्वों को संरक्षण प्राप्त है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रतिक्रिया
इस बयान पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा को बदनाम करने की “साजिश रची जा रही है”। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी उपद्रवी को बख्शा नहीं जाएगा। “जो लोग यात्रा की आड़ में उपद्रव कर रहे हैं, उनके पोस्टर सार्वजनिक किए जाएंगे और यात्रा समाप्त होने के बाद उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी,” मुख्यमंत्री ने कहा।
सियासी हलचल तेज
स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान ने सियासी गलियारों में खलबली मचा दी है। एक ओर विश्व हिंदू रक्षा परिषद जैसे संगठनों ने उनके खिलाफ विरोध दर्ज कराया है, तो दूसरी ओर पुलिस और प्रशासन उनकी सुरक्षा को लेकर सतर्क हो गया है। इस पूरे प्रकरण ने एक बार फिर धार्मिक आस्था, अभिव्यक्ति की आज़ादी और राजनीतिक बयानबाज़ी के बीच की संवेदनशील रेखा को चर्चा में ला दिया है।

