‘मोदी जी कहां हैं?’ राज्यसभा में मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकार से पूछे तीखे सवाल
Sandesh Wahak Digital Desk: संसद के दोनों सदनों में मंगलवार को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर जबरदस्त बहस देखने को मिली। लोकसभा में जहां गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पहलगाम हमले के गुनहगारों को सेना ने ‘ऑपरेशन महादेव’ में ढेर कर दिया, वहीं राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकार की नीतियों पर कड़े सवाल उठाए और प्रधानमंत्री से सदन में आकर जवाब देने की मांग की।
‘आतंकियों को सेना ने किया ढेर, पाकिस्तानी होने के मिले सबूत’
लोकसभा में बोलते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने साफ किया कि पहलगाम हमले के बाद सुरक्षा बलों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ऑपरेशन महादेव के तहत आतंकियों को मार गिराया। उन्होंने कहा कि जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि मारे गए आतंकी पाकिस्तान से आए थे। उन्होंने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर राजनीति करने के बजाय एकजुटता दिखाई जानी चाहिए।
इससे पहले सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर बहस की शुरुआत की थी। देर रात 1 बजे तक चली इस चर्चा में कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने भी अपनी बात रखी। मंगलवार को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव सहित कई बड़े नेताओं को वक्ता सूची में शामिल किया गया था।
राज्यसभा में खड़गे का हमला: ‘प्रधानमंत्री सदन में क्यों नहीं आए?’
राज्यसभा में मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार पर कई तीखे सवाल दागे। उन्होंने पूछा कि अगर ऑपरेशन में भारत फ्रंटफुट पर था, तो अचानक सीजफायर क्यों हुआ? उन्होंने आरोप लगाया कि युद्धविराम की घोषणा भारत की बजाय अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की और यह भारत की विदेश नीति के खिलाफ है।
उन्होंने सवाल किया कि क्या यह युद्धविराम परमाणु धमकी या अंतरराष्ट्रीय दबाव का नतीजा है? खड़गे ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी जी बाहर तो बहुत बोलते हैं, लेकिन जब सवाल देश की सुरक्षा से जुड़ा हो, तो वे सदन में क्यों नहीं बोलते?”
गृह मंत्री से इस्तीफे की मांग
खड़गे ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के बयान का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने खुद पहलगाम हमले को ‘इंटेलिजेंस फेल्योर’ माना है। चूंकि गृह मंत्रालय खुफिया एजेंसियों के तहत आता है, ऐसे में खड़गे ने कहा कि इसके लिए गृह मंत्री को जिम्मेदारी लेनी चाहिए और इस्तीफा देना चाहिए।
राजनीतिक टिप्पणियों पर हंगामा
सदन में उस वक्त माहौल और गर्मा गया जब खड़गे ने बिना नाम लिए मध्य प्रदेश सरकार के एक मंत्री के कथित बयान का जिक्र किया जिसमें सेना की महिला अफसर कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादास्पद टिप्पणी की गई थी। खड़गे ने पूछा कि क्या बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा इसका खंडन करेंगे? उन्होंने यह भी कहा कि सेना के शहीदों के परिवारों और अफसरों को ट्रोल किया गया, जो निंदनीय है।
सवाल-जवाब की गरम बहस, ट्रंप का भी जिक्र
खड़गे ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान का हवाला देते हुए कहा कि वह दावा कर चुके हैं कि युद्धविराम उन्होंने रुकवाया। उन्होंने पूछा कि जब यह दावा हो रहा है, तो प्रधानमंत्री चुप क्यों हैं? उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “क्या मोदी जी आकाश में बैठे हैं?” जेपी नड्डा ने इस पर आपत्ति जताते हुए उपसभापति से आपत्तिजनक टिप्पणियों को रिकॉर्ड से हटाने की मांग की।
खड़गे ने यह भी आरोप लगाया कि जब देश ऑपरेशन सिंदूर को लेकर चिंता में था, तब प्रधानमंत्री बिहार चुनाव प्रचार में व्यस्त थे। उन्होंने पूछा कि जब संसद में इतना बड़ा मुद्दा उठ रहा है, तब प्रधानमंत्री को सदन में मौजूद क्यों नहीं होना चाहिए था?
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