ट्रंप के टैरिफ पर भारत और चीन का कड़ा रुख, चीन ने बोला- दबाव से कुछ नहीं मिलेगा

Sandesh Wahak Digital Desk: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर 25% का टैरिफ लगाने के ऐलान और सात भारतीय कंपनियों पर प्रतिबंध के बाद अंतरराष्ट्रीय व्यापार जगत में हलचल तेज हो गई है। ट्रंप भले ही इसे भारत पर दबाव बनाने की रणनीति मान रहे हों, लेकिन कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री मनीष तिवारी ने इसे भारत की आत्मनिर्भरता की ताकत बताया है। वहीं, चीन ने भी अमेरिका की इस ‘दबाव नीति’ पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

चीन ने अमेरिका की चेतावनी को किया खारिज

अमेरिका की ओर से यह चेतावनी दी गई थी कि यदि चीन रूसी तेल खरीदना जारी रखता है तो उस पर टैरिफ में उल्लेखनीय वृद्धि की जाएगी। इस पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने पलटवार करते हुए कहा कि चीन हमेशा अपने राष्ट्रीय हितों के अनुरूप ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करेगा। चीनी प्रवक्ता ने साफ किया कि “टैरिफ युद्धों में कोई विजेता नहीं होता। ज़बरदस्ती और दबाव से कुछ हासिल नहीं होगा। चीन अपनी संप्रभुता, सुरक्षा और विकास हितों की दृढ़ता से रक्षा करेगा।

भारत सरकार ‘एक्शन मोड’ में

अमेरिका की तरफ से 25 प्रतिशत का टैरिफ लगाने को लेकर भारत सरकार भी ‘एक्शन मोड’ में आ गई है। भारत सरकार ने एक प्रेस रिलीज जारी करते हुए कहा, हमने द्विपक्षीय व्यापार पर अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान पर ध्यान दिया है। सरकार इसके परिणामों का अध्ययन कर रही है। सरकार राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगी। इस फैसले के बाद भारत में बैठकों का दौर भी शुरू हो गया है, जो इस बात का संकेत है कि सरकार इस चुनौती से निपटने के लिए गंभीर है।

Also Read: चित्रकूट में तुलसीदास समारोह, CM योगी बोले- भक्ति ही सबसे बड़ा प्रतिकार

Get real time updates directly on you device, subscribe now.