Gonda News: डॉक्टर आशीष शुक्ला पर गंभीर आरोप, पीड़ित ने दी आत्मदाह की चेतावनी, जानिए पूरा मामला
पीड़ित ने मुख्यमंत्री को भेजा पत्र, डॉक्टर व उनके दलाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग
Sandesh Wahak Digital Desk: धरती के भगवान कहे जाने वाले एक डॉक्टर का अमानवीय कृत्य सामने आया है, जिसने सिस्टम के साथ ही योगी सरकार के भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति के दावे को भी तार-तार कर दिया है। पीड़ित व्यक्ति ने अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर आरोपी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पीड़ित ने मुख्यमंत्री को भेजा पत्र
गोण्डा जिले के खरगूपुर थाना क्षेत्र के गौनरिया के रहने वाले शिवशंकर मिश्र पुत्र रंजीतपाल मिश्र ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजा है जिसमें कहा है कि वह अपने 71 वर्षीय वृद्ध पिता का इलाज कराने के लिए 26 जुलाई को जिला अस्पताल में डॉ आशीष शुक्ला के पास लेकर गया। उसके पिता रंजीतपाल मिश्र के पैर के तलवे में कोई कंटीला वस्तु चुभ गया था, जिससे वह चलने-फिरने में अस्मर्थ हो गये थे। जिला चिकित्सालय में डॉ आशीष शुक्ला ने उसके पिता को देखा और एक्स-रे कराने के लिए पर्चा लिख दिए। वह एक्स-रे करा लाया, जिसे देखकर डॉक्टर शुक्ला ने कहा कि इसमें तो कुछ दिखाई नहीं दे रहा है। इसे ओटी (ऑपरेशन थियेटर) में देखना पड़ेगा, तब तक आप कुछ जांचें और करा लें।
पीड़ित शिवशंकर का कहना है कि 28 जुलाई को सभी जांचें कराकर रिपोर्ट लेकर वह पुनः अपने पिता के साथ डॉक्टर आशीष शुक्ला के पास सुबह 09.30 बजे पहुंचा। डॉक्टर शुक्ला को उसने सारी रिपोर्टें, एक्स-रे और उनके द्वारा लिखे गए पर्चे को दिया जिसे देखकर उन्होंने रख लिया और बाहर बैठने को कहा। वह अपने बुजुर्ग व बीमार पिता के साथ दोपहर 12.00 बजे तक डॉक्टर शुक्ला के कक्ष के बाहर बैठा रहा। इस बीच उसने देखा कि पिन्टू नाम का एक व्यक्ति फाइल और मरीजों को लाकर डॉक्टर को दिखाकर ले जा रहा था।
अस्पताल में रिश्वतखोरी का खेल
पता करने पर बताया गया कि पिन्टू दलाल है और वह मरीजों को दिखाने के बदले में एक से दो हजार तक लेता है। उसे जो रूपए दे देता है, उसे वह तुरंत ले जाकर डॉक्टर आशीष शुक्ला को दिखा देता है। पीड़ित शिवशंकर का आरोप है कि उसने जब पिन्टू से संपर्क कर अपने पिता को दिखाने का अनुरोध किया तो इसके बदले उसने 2000 रूपए की मांग की। इसकी शिकायत उसने जब डॉक्टर शुक्ला से की तो उन्होंने भी कहा कि अगर जल्दी है तो दो हजार रूपए पिन्टू को दे दो। उसके बाद पिन्टू के साथ अंदर आइए , अन्यथा किसी प्राइवेट हॉस्पिटल में जाकर दिखवा लीजिए। डॉक्टर आशीष शुक्ला ने तीमारदार को कहा कि मुझे जब फुर्सत मिलेगी, तब देखूंगा।
डॉक्टर पर लगा आरोप
आरोप है कि यह कहते हुए डॉक्टर शुक्ला गुस्से से लाल हो गये और ओटी में चले गए। बाद में एएनएम के द्वारा उसकी रिपोर्ट व पर्चा वापस कर दिया गया। इतना ही नहीं, हद तो तब हो गई जब वह इसकी शिकायत करने सीएमएस के पास गया लेकिन वह नदारद मिले। वहां रामजी शुक्ल नाम का कर्मचारी मिला, जिसने बताया कि सीएमएस मीटिंग में गये हैं। इस बीच पिन्टू नामक व्यक्ति सीएमएस ऑफिस भी पहुंच गया और वहां उसे देखते ही भड़क गया। आरोप है कि पिन्टू उसे तथा उसके बुजुर्ग पिता को पकड़कर जबरन डॉक्टर आशीष के पास ले गया। देखते ही डॉक्टर शुक्ला भड़क गए और अपशब्दों का प्रयोग करते हुए कहा कि हम डॉ आलोक शुक्ला के भाई हैं। हमारी पहुंच ऊपर तक है। अब तुम्हारा इलाज पैसे देने पर भी नहीं करूंगा। जहां जाना हो, वहां जाओ।
पीड़ित को अपशब्द कहने का आरोप
आरोप है कि डॉक्टर ने भद्दी-भद्दी गालियां देते हुए डॉक्टर शुक्ला व पिन्टू ने उसे तथा उसके बुजुर्ग पिता को धक्के देकर वहां से भगा दिया। धक्का देने से उसके पिता गिर पड़े जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई है। वह बोल नहीं पा रहे हैं। वह तीन-चार दिन से कुछ खा-पी भी नहीं पा रहे हैं। पीड़ित शिवशंकर मिश्र का कहना है कि डॉक्टर शुक्ला और उनके दलाल द्वारा धक्का दिए जाने के कारण उसके पिता मरणासन्न अवस्था में पड़े हैं। डॉक्टर आशीष शुक्ला और उनके दलाल पिंटू के इस दुर्व्यवहार और कृत्य से उसे तथा उसके पिता को गहरा सदमा पंहुचा है।
इस सदमे से यदि उसके पिता के जीवन को कोई खतरा होता है तो उसकी संपूर्ण जिम्मेदारी डॉक्टर आशीष शुक्ला, पिंटू नामक व्यक्ति, सीएमओ व जिला प्रशासन की होगी। पीड़ित ने मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाते हुए जांच कराकर डॉ आशीष शुक्ला व पिन्टू नामक व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने तथा अन्य विधिक एवं विभागीय कार्रवाई तथा डॉक्टर आशीष शुक्ला को जिला चिकित्सालय से स्थानांतरित करने की भी मांग की है। इसके साथ ही चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई न की गयी तो आगामी 15 अगस्त को अपने पिता (यदि जीवित रहे तो) के साथ मुख्यमंत्री के आवास पर आत्मदाह कर लूंगा।
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