उरी में BAT हमला नाकाम, मुठभेड़ में एक जवान शहीद
Sandesh Wahak Digital Desk: जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास भारतीय सेना ने पाकिस्तान की बॉर्डर एक्शन टीम (BAT) के एक बड़े हमले को नाकाम कर दिया है। यह हमला 12 और 13 अगस्त की दरमियानी रात को टिका पोस्ट के पास हुआ, जहां हवलदार अंकित ने अपनी पोस्ट की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया और शहीद हो गए।
आतंकियों की घुसपैठ की कोशिश नाकाम
यह घटना 16 सिख लाइट इन्फेंट्री (09 बिहार एडवांस पार्टी) के इलाके में हुई। पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने फॉरवर्ड पोस्ट पर BAT अटैक करने की कोशिश की, लेकिन भारतीय सेना के सतर्क जवानों ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की और उनकी घुसपैठ की कोशिश को असफल कर दिया। इसके बाद इलाके में बड़े पैमाने पर घेराबंदी और सर्च ऑपरेशन चलाया गया, ताकि अंधेरे का फायदा उठाकर छिपे हुए आतंकियों का पता लगाया जा सके।
यह दुखद है कि पिछले दो दिनों में यह दूसरी घटना है। कल भी बारामुला में ड्यूटी के दौरान सिपाही बनोत अनिल कुमार शहीद हो गए थे। भारतीय सेना ने सोशल मीडिया पर ट्वीट कर सिपाही बनोत अनिल कुमार के बलिदान को सलाम किया और उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
ऑपरेशन अखल और लगातार मुठभेड़
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब सुरक्षा बल दक्षिण कश्मीर के अखल इलाके में ऑपरेशन अखल चला रहे हैं। यह ऑपरेशन 1 अगस्त को खुफिया जानकारी मिलने के बाद शुरू किया गया था। इस ऑपरेशन के दौरान, सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच लगातार मुठभेड़ें हुई हैं, जिसमें अब तक पांच से अधिक आतंकी मारे जा चुके हैं। इस ऑपरेशन में लांस नायक प्रितपाल सिंह और सिपाही हरमिंदर सिंह भी शहीद हो गए थे।
ऑपरेशन अखल से पहले, सेना ने श्रीनगर के दाचीगाम इलाके में नरसंहार करने वाले लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों को खत्म करने के लिए ऑपरेशन महादेव चलाया था। इसके बाद, 29 जुलाई को ऑपरेशन शिव शक्ति चलाकर दो और आतंकियों को मार गिराया गया था। इन ऑपरेशनों से साफ है कि भारतीय सेना जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए लगातार काम कर रही है, भले ही इसके लिए उन्हें अपने जवानों का बलिदान देना पड़ रहा हो।
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