देश भर में सरकारी कर्मचारी लामबंद: आठवें वेतन आयोग के गठन में देरी पर जताया आक्रोश
Sandesh Wahak Digital Desk: आठवें वेतन आयोग के गठन में हो रही देरी को लेकर देश भर के सरकारी कर्मचारी आक्रोशित हैं। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर शुक्रवार को पूरे देश के सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों ने एकजुट होकर गेट मीटिंग की और सरकार से इस मुद्दे पर जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग की।

‘कर्मचारी अब आर-पार की लड़ाई के मूड में’
उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के प्रांतीय अध्यक्ष कमल अग्रवाल ने बताया कि आठवें वेतन आयोग के गठन की घोषणा छह महीने पहले ही हो गई थी, लेकिन अभी तक आयोग का गठन पूरा नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा, “सरकार की इस ढिलाई से कर्मचारियों में भारी आक्रोश है और अब वे आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि गेट मीटिंग में आउटसोर्स कर्मचारियों ने भी हिस्सा लिया और अपने लिए एक नियमावली बनाए जाने की मांग रखी।
आठवें वेतन आयोग के गठन में देरी के मुख्य कारण:
- अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति नहीं: सरकार ने अभी तक आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति नहीं की है।
- बजट का प्रावधान नहीं: बिना किसी ठोस आर्थिक प्रावधान के आयोग का गठन सिर्फ कागजी कार्रवाई बनकर रह गया है।
- टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) अधूरा: आयोग के कामकाज का दायरा यानी ToR अभी तक तय नहीं हो पाया है।
- प्रशासनिक सुस्ती: डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग ने कुछ पदों के लिए आवेदन तो मंगाए थे, लेकिन उसके बाद से कोई प्रगति नहीं हुई है।

कमल अग्रवाल ने कहा कि यह देरी कर्मचारियों के जीवन को सीधे प्रभावित कर रही है, क्योंकि बढ़ती महंगाई के कारण उनकी मुश्किलें बढ़ रही हैं। उन्होंने सरकार से तुरंत आयोग का गठन करने और सभी प्रक्रियाओं को अंतिम रूप देने की मांग की।
लखनऊ सहित कई शहरों में प्रदर्शन
लखनऊ में लोक निर्माण विभाग, स्थानीय निकाय निदेशालय, राजकीय संग्रहालय और चिड़ियाघर सहित कई सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। कमल अग्रवाल ने बताया कि लखनऊ के अलावा झांसी, मऊ, बलिया, आजमगढ़, कानपुर, प्रयागराज, और गोरखपुर जैसे शहरों में भी विरोध प्रदर्शन की खबरें मिली हैं। इस दौरान देवेंद्र यादव, निधि, और संदीप पांडे जैसे कई प्रमुख कर्मचारी नेता मौजूद थे।
इस दौरान लोक निर्माण विभाग मिनिस्टीरियल एसोसिएशन के प्रांतीय महामंत्री देवेंद्र यादव, अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ की राष्ट्रीय पार्षद निधि, और उत्तर प्रदेश फेडरेशन ऑफ मिनिस्टीरियल एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष संदीप पांडे सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद थे।
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