Lucknow News: STF ने पकड़ा अवैध ऑक्सीटोसिन बनाने वाला गिरोह, 2 करोड़ का माल बरामद

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है जो अवैध रूप से ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन का निर्माण और तस्करी कर रहा था। एसटीएफ ने इस गिरोह के चार सक्रिय सदस्यों को लखनऊ से गिरफ्तार किया है और उनके पास से लगभग 2 करोड़ रुपए का ऑक्सीटोसिन और उसे बनाने की सामग्री बरामद की है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इरफान, दिलदार अली, शहनवाज और मो. साहेबे के रूप में हुई है। ये सभी लखनऊ और रायबरेली के रहने वाले हैं।

कैसे काम करता था यह गिरोह?

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे बिहार से हाई-डेंसिटी वाले ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन को मिनरल वाटर बताकर पार्सल के जरिए मंगवाते थे। फिर वे इसे अपनी जरूरत के हिसाब से अलग-अलग साइज के एम्पीयुल्स में पैक कर लखनऊ और आसपास के जिलों में सप्लाई करते थे।

किस लिए होता है ऑक्सीटोसिन का अवैध इस्तेमाल?

यह इंजेक्शन जानवरों से अधिक दूध निकालने और सब्जियों तथा फलों को जल्दी बड़ा करने के लिए अवैध रूप से इस्तेमाल किया जाता है, जो इंसानों और जानवरों दोनों के स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है।

क्या-क्या हुआ बरामद?

एसटीएफ ने आरोपियों के पास से 20 गैलन और 39 बोरियों में भरा हुआ ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन, उसे पैक करने के लिए एल्यूमीनियम कैप, सीलिंग मशीनें और अन्य सामग्री बरामद की है। इसके अलावा, एक छोटा हाथी डाला (ट्रक), एक होंडा सिटी कार, पांच मोबाइल फोन और 16,500 रुपए भी जब्त किए गए हैं।

सरकार की गाइडलाइन का उल्लंघन

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के नियमों के अनुसार, ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की बिक्री सिर्फ सिंगल यूनिट ब्लिस्टर पैक में ही की जा सकती है। इसका अवैध कारोबार करना आम जनता के जीवन के लिए खतरा पैदा करता है और कई बीमारियों का कारण बन सकता है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के खिलाफ लखनऊ के पारा थाने में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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