गुवाहाटी विश्वविद्यालय ने जुबिन गर्ग को दी श्रद्धांजलि, कला केंद्र का नाम बदलकर उनके नाम पर रखा
Sandesh Wahak Digital Desk: लोकप्रिय गायक और युवाओं के दिलों की धड़कन जुबिन गर्ग को श्रद्धांजलि देते हुए, गुवाहाटी विश्वविद्यालय ने एक बड़ा फैसला लिया है। विश्वविद्यालय ने अपने प्रदर्शन कला एवं संस्कृति केंद्र का नाम बदलकर जुबिन गर्ग के नाम पर रखने और परिसर में उनकी प्रतिमा स्थापित करने की घोषणा की है।
विश्वविद्यालय ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर यह जानकारी दी और बताया कि उनकी कालातीत रचनाओं को संरक्षित करने के लिए चार प्रस्तावों को स्वीकार किया गया है। जुबिन गर्ग, जो राज्य के सांस्कृतिक जगत के प्रतीक थे, का 19 सितंबर को सिंगापुर में समुद्र में डूबने से दुखद निधन हो गया था। विश्वविद्यालय ने उनके नाम पर कला एवं संस्कृति केंद्र का नाम रखने के साथ-साथ केंद्र के सामने उनकी प्रतिमा भी स्थापित करने का निर्णय लिया है।
इसके अलावा, विश्वविद्यालय ने जुबिन गर्ग के जीवन और रचनात्मक यात्रा पर आधारित जीवनी संबंधी विवरण वाली एक कॉफी टेबल बुक प्रकाशित करने का फैसला किया है। युवा कलाकारों को प्रेरित करने के लिए, विश्वविद्यालय के अंतर-कॉलेज युवा महोत्सव के दौरान गायन प्रतियोगिता में ‘जुबिन के गीत’ की एक नई श्रेणी भी जोड़ी जाएगी।
जुबिन का शानदार करियर और व्यक्तिगत दुख
जुबिन गर्ग ने संगीत और गायन में एक अमिट छाप छोड़ी थी। उन्होंने 1998 में रिलीज़ हुई फिल्म ‘दिल से’ के संगीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। आईएमडीबी के अनुसार, उन्होंने अब तक 222 फिल्मों में अपनी आवाज़ और संगीत दिया था।
जुबिन का व्यक्तिगत जीवन भी दुखद रहा है। उनकी बहन जोंगकी गर्ग, जो ख़ुद एक अभिनेत्री और गायिका थीं, की भी 23 साल पहले महज़ 18 साल की उम्र में एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। बहन की मौत का जुबिन पर गहरा प्रभाव पड़ा था, और वह अक्सर अपने संगीत कार्यक्रमों में उनका ज़िक्र किया करते थे। परिवार ने शुक्रवार को सिंगापुर में हुए हादसे में अपने इकलौते बेटे जुबिन को भी खो दिया। उनके परिवार में अब उनके बीमार पिता, उनकी पत्नी और एक बहन रह गई हैं।
Also Read: पंजाब पुलिस ने अबू धाबी से खालिस्तानी आतंकवादी परमिंदर सिंह पिंडी को दबोचा, भारत लाया गया

