Lucknow News: फर्जी अपहरण की साजिश बेनकाब, पुलिस पर दबाव बनाने के लिए बाप-बेटे ने रचा था षड्यंत्र
Sandesh Wahak Digital Desk: राजधानी लखनऊ में गोसाईगंज इलाके से ‘लापता’ हुए एक 22 वर्षीय युवक की तलाश एक हैरतअंगेज मोड़ पर खत्म हुई है। कथित पीड़ित युवक, उसके पिता और दो अन्य व्यक्तियों को पुलिस को बदनाम करने और दबाव बनाने के लिए ‘फर्जी अपहरण’ की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 27 सितंबर को सुभाष (22) और उसके पिता रामकुमार (52) ने यह साजिश रची थी। उन्होंने इस झूठी कहानी में परिवार के सदस्यों और एक स्थानीय नेता को भी शामिल किया, ताकि सच्चाई सामने न आ सके।
कैसे शुरू हुआ पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, साजिश की शुरुआत 27 सितंबर को हुई जब सुभाष कथित तौर पर नशे की हालत में देर रात पुलिस हेल्पलाइन 112 पर कॉल कर अपशब्द कह रहा था। पिछली रात भी ऐसी ही हरकत करने के बाद पुलिस सुभाष के घर पहुँची और उसे स्थानीय थाने ले आई थी।
सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, सुभाष नशे की हालत में रात लगभग 2 बजे थाने से चुपचाप निकल गया और 2:20 बजे अपने इलाके में पहुंच गया। हालांकि, भोर करीब 3 बजे उसके पिता रामकुमार ने थाने में फोन करके बेटे के बारे में पूछताछ शुरू कर दी। अगली सुबह तक, परिवार और स्थानीय नेताओं की ओर से सुभाष के ‘अपहरण’ के आरोपों वाले कई फोन कॉल और सोशल मीडिया पोस्ट आने लगे, जिससे पुलिस सकते में आ गई।
जांच में हुआ खुलासा
सहायक पुलिस आयुक्त (गोसाईगंज), ऋषभ रुनवाल ने बताया कि शिकायतकर्ता और उसका परिवार पहले हुई कुछ घटनाओं के चलते पुलिस से नाराज था, जिसके कारण स्थानीय लोगों के उकसावे पर उन्होंने यह झूठी कहानी गढ़ी।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और 200 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाली और मोबाइल लोकेशन का पता लगाया। थाने के सीसीटीवी फुटेज में सुभाष को रात 2 बजे खुर्दही बाजार से गुजरते देखा गया, जिससे उसके अपहरण का दावा गलत साबित हो गया।
पुलिस ने पाया कि पकड़े जाने से बचने के लिए सुभाष जानबूझकर अपना ठिकाना बदलता रहा और अलग-अलग नंबरों से परिवार से संपर्क करता रहा। जैसे-जैसे खुलासे होते गए, सुभाष के परिवार के दावे गलत साबित होते चले गए। शुक्रवार को पुलिस ने इस साजिश में शामिल रामकुमार, उसके बेटे सुभाष, शुभम (19) और स्थानीय नेता अखिलेश (45) को गिरफ्तार कर लिया।
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