कुशीनगर: 27 से 30 अक्टूबर तक होगा त्रिदिवसीय राष्ट्रीय युवा वैज्ञानिक सम्मेलन और कैन सेट रॉकेट मॉडल प्रक्षेपण
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर भारत में पहली बार विज्ञान के क्षेत्र में एक बड़ा आयोजन होने जा रहा है। कुशीनगर के तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के पिपराघाट और जंगली पट्टी के बीच आगामी 27 से 30 अक्टूबर तक त्रिदिवसीय ‘राष्ट्रीय युवा वैज्ञानिक सम्मेलन’ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें कैन सेट रॉकेट मॉडल प्रक्षेपण की राष्ट्रीय प्रतियोगिता होगी।
यह जानकारी देवरिया के सांसद शशांक मणि त्रिपाठी और जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने कलेक्ट्रेट में आयोजित एक संयुक्त पत्रकार वार्ता में दी। यह वैज्ञानिक आयोजन इन स्पेस (IN-SPACe), जागृति संस्थान और कुशीनगर जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है।
700 से अधिक प्रतिभागी होंगे शामिल
सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने बताया कि इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देशभर से लगभग 700 प्रतिभागी शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष की उपलब्धियां विकसित भारत और उत्तर प्रदेश के विकास का अभियान है, और यह जिला प्रशासन व जनभागीदारी से ही संभव है। आईआईटी से जुड़े होने के नाते, उन्होंने इच्छा व्यक्त की कि विज्ञान की उपलब्धियों से युवाओं को जोड़ा जाए, जो इस आयोजन को अविस्मरणीय बनाएगा।
सांसद ने कहा कि अंतरिक्ष का उपयोग केवल रॉकेट प्रक्षेपण के लिए ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि के क्षेत्र में भी होना चाहिए, जिसके लिए प्रयास जारी है।
विज्ञान में रुचि रखने वाले युवाओं के लिए प्रेरणापुंज: डीएम
जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि गुजरात, राजस्थान और दक्षिण के प्रांतों में तो ऐसी प्रक्षेपण प्रतियोगिताएं होती रही हैं, लेकिन उत्तर भारत में यह पहला अवसर है जब कुशीनगर के तमकुहीराज में यह प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है।
डीएम ने कहा कि विज्ञान में रुचि रखने वाले युवाओं के लिए यह प्रक्षेपण एक प्रेरणापुंज का कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि यह आयोजन छठ महापर्व के दौरान हो रहा है, इसलिए ऐसी व्यवस्था की जाएगी कि देश भर के युवा वैज्ञानिक छठ पर्व त्योहार मना रही महिलाओं के माध्यम से भारतीय संस्कृतियों से भी रूबरू होंगे।
इसरो (ISRO) के निदेशक, इन स्पेस के वैज्ञानिक डॉ. विनोद और अंतरिक्ष वैज्ञानिक शुभ्रांस शुक्ल भी इस मॉडल रॉकेट कैन सेट प्रक्षेपण में शामिल होंगे। जिलाधिकारी ने कहा कि “दीपावली में पूरा देश रॉकेट उड़ाएगा, लेकिन कुशीनगर में वास्तविक रॉकेट प्रक्षेपण कर इतिहास रचने का कार्य किया जाएगा।” डॉ. विनोद ने जिला प्रशासन की टीम द्वारा दिए जा रहे सहयोग की सराहना की, जिससे यह प्रतियोगिता पूर्ण रूप से सफल हो सकेगी।
रिपोर्ट: राघवेंद्र मल्ल
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