बलरामपुर में शिक्षक पर फर्जी प्रमाण पत्र से नौकरी पाने का आरोप, मुख्यमंत्री से जांच की मांग
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में मदरसा शिक्षा विभाग में कार्यरत एक शिक्षक पर फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्र के सहारे सरकारी नौकरी प्राप्त करने का गंभीर आरोप लगा है। इस संबंध में अधिवक्ता अनिल कुमार ने मुख्यमंत्री को एक प्रार्थना पत्र भेजकर संबंधित शिक्षक के विरुद्ध तत्काल प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज करने और विभागीय जांच कराने की मांग की है।
क्या है मामला?
अधिवक्ता अनिल कुमार द्वारा मुख्यमंत्री को भेजे गए प्रार्थना पत्र के अनुसार।
आरोपी शिक्षक: खुशीर अहमद पुत्र मुन्तजिर अली, निवासी ग्राम नेवाजपुर, थाना महाराजगंज तराई, बलरामपुर।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि शिक्षक खुशीर अहमद ने मदरसा अहले सुन्नत नुरुल उलूम अतिकीया, महाराजगंज तराई से वर्ष 1995 में कथित रूप से हाईस्कूल की परीक्षा पास की थी, जिसका रोल नंबर 419 बताया गया है। आरोप है कि वर्ष 2013 में शिक्षक द्वारा प्रस्तुत की गई मार्कशीट जाली (फर्जी) है। इसी फर्जी दस्तावेज के आधार पर शिक्षक ने सरकारी नौकरी प्राप्त की और वर्षों से वेतन ले रहा है, जिससे सरकारी राजस्व को भारी क्षति हुई है।
अधिवक्ता अनिल कुमार का कहना है कि यह कृत्य भारतीय दंड संहिता के तहत दंडनीय अपराध है। उन्होंने मांग की है कि आरोपी के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर विभागीय जांच और विधिक कार्रवाई की जाए।
जिला अधिकारी ने दिया जांच का आश्वासन
यह शिक्षक पिछले कई सालों से फर्जी मार्कशीट के सहारे नौकरी कर रहा था। इस गंभीर आरोप पर जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी यशवंत मौर्य का कहना है कि मामले में जांच की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं और शिक्षक दोषी सिद्ध होता है, तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सभी की निगाहें अब मुख्यमंत्री कार्यालय पर टिकी हैं कि इस मामले में आगे क्या कदम उठाया जाता है।
रिपोर्ट: योगेंद्र त्रिपाठी
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