सिद्धार्थ विश्वविद्यालय: दीक्षांत समारोह में वितरित हुए 37 स्वर्ण पदक, राज्यपाल ने किया बेटियों को सम्मानित

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल सोमवार को सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु के नवम् दीक्षांत समारोह में शामिल हुईं। उन्होंने गौतम बुद्ध की इस पावन धरती को प्रणाम करते हुए कहा कि इस भूमि ने विश्व को शांति का संदेश दिया है और यह देश-विदेश के लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रही है।

राज्यपाल ने युवाओं की शक्ति पर ज़ोर देते हुए कहा कि शिक्षा प्राप्त कर आप समाज में परिवर्तन ला सकते हैं। उन्होंने विकसित भारत के निर्माण में युवाओं के योगदान को आवश्यक बताया और 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने के लक्ष्य को पूरा करने का आह्वान किया।

मेडल और डिग्री

दीक्षांत समारोह में कुल 37 स्वर्ण पदक एवं प्रशस्ति पत्र और 11 अक्षय निधि डोनर स्वर्ण पदक/प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।

पीएचडी उपाधि: 32 छात्र/छात्राओं को पीएचडी की उपाधि दी गई।

बेटियों का दबदबा: राज्यपाल ने इस बात पर विशेष प्रसन्नता व्यक्त की कि लड़कों की अपेक्षा लड़कियों ने अधिक मेडल प्राप्त किए हैं और डिग्री प्राप्त करने में भी वे आगे हैं। उन्होंने कहा कि आज नारी किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है।

राज्यपाल के प्रमुख संदेश

नारी शक्ति: भारतीय महिला क्रिकेट टीम का उदाहरण देते हुए कहा कि स्वस्थ नारी ही सशक्त नारी है।

आत्मनिर्भर भारत: भारत अंतरिक्ष, रक्षा, कृषि और प्रौद्योगिकी में नया इतिहास रच रहा है और विश्व की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के पथ पर अग्रसर है।

स्वच्छता और पर्यावरण: लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने और प्रधानमंत्री के पर्यावरण आंदोलन को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया।

ग्रामीण विकास: ग्रामीण क्षेत्रों में रोज़गार की अपार संभावनाओं पर ज़ोर दिया।

अन्य वक्ताओं के विचार

भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, मोहाली के निदेशक प्रो. अनिल त्रिपाठी ने छात्रों से कहा कि आसान रास्ता चुनने वाले लोग सफलता तक नहीं पहुंच सकते। उन्होंने छात्रों को ज्ञान और क्षमता का उपयोग कर देश का नाम रोशन करने और आने वाले अवसरों और चुनौतियों के लिए तैयार रहने को कहा।

उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी ने ‘आज़ादी का अमृत काल’ में डिग्री प्राप्त करने वाले छात्रों को बधाई दी और कहा कि आज भारत दुनिया को समाधान दे रहा है। उन्होंने यूपी सरकार द्वारा शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के प्रयासों की सराहना की।

समारोह का औपचारिक शुभारम्भ दीप प्रज्वलन, मां शारदा के चित्र पर माल्यार्पण और कुलगीत तथा संत कबीरदास के दोहों की प्रस्तुति से हुआ। राज्यपाल द्वारा उत्कर्ष स्मारिका एवं वार्षिक प्रतिवेदन का विमोचन भी किया गया।

रिपोर्ट: जाकिर खान

 

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