असीम मुनीर बने चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज, 5 साल के लिए मिली तीनों सेनाओं और परमाणु हथियारों की कमान

Sandesh Wahak Digital Desk: पाकिस्तान में सैन्य शक्ति के केंद्रीकरण (centralization) की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। पिछले महीने संविधान में किए गए 27वें संशोधन के बाद, देश की तीनों सेनाओं की कमान एक ही अधिकारी के हाथों में सौंप दी गई है। पूर्व आईएसआई प्रमुख और सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर को अब देश का पहला चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF) नियुक्त किया गया है।

एक साथ दो सबसे बड़े पद

इस नए पद के निर्माण के साथ ही, ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी (CJCSC) के अध्यक्ष पद को खत्म कर दिया गया है। मुनीर को सीडीएफ के साथ-साथ चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (COAS) की ज़िम्मेदारी भी दी गई है। प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ की सिफ़ारिश पर राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने इस नियुक्ति को 5 साल के लिए मंजूरी दे दी है।

सीडीएफ का पद पाकिस्तान में सैन्य ढांचे का सबसे शक्तिशाली पद बन गया है। इस नियुक्ति के बाद असीम मुनीर अब तीनों सेनाओं (थल, वायु और नौसेना) के कमांडर बन गए हैं। सीडीएफ के रूप में, मुनीर को देश के परमाणु हथियारों की कमान भी मिल गई है। पहले परमाणु हथियारों और मिसाइल सिस्टम का नियंत्रण नेशनल कमांड अथॉरिटी के पास होता था, जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री करते थे।

इस संशोधन के तहत मुनीर की शक्तियाँ इतनी बढ़ गई हैं कि वह अपना कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी इनका इस्तेमाल कर सकेंगे। इसका अर्थ है कि वह न तो रिटायर होंगे और न ही उनसे यह पद लेकर किसी और को दिया जाएगा।

Also Read: सपा से निष्कासित पूजा पाल ने छुए केशव प्रसाद मौर्य के पैर, BJP में शामिल होने पर दिया बड़ा बयान

Get real time updates directly on you device, subscribe now.