यूपी के नगर निकायों पर ATS का शिकंजा, बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों की एंट्री की जांच शुरू

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश की आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) ने अलीगढ़ सहित प्रदेश के सभी नगर निकायों में बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों की संदिग्ध एंट्री की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। अलीगढ़ की मीट फैक्ट्रियों में कश्मीरी सिक्योरिटी की जांच के बाद, अब एटीएस ने अपना ध्यान स्थानीय निकायों और सफाई कर्मचारियों पर केंद्रित किया है।

ATS की जांच का दायरा

एटीएस ने अलीगढ़ नगर निगम सहित सभी नगर निकायों से पिछले पाँच वर्षों में काम कर चुके सफाई कर्मचारियों के ठेकेदार एवं कर्मचारियों के आधार कार्ड सहित अन्य रिकॉर्ड माँगे हैं। एटीएस मुख्यालय ने प्रदेश के सभी 17 निगमों और अन्य स्थानीय निकायों से सफाई कर्मचारियों और ठेकेदारों का विवरण माँगा है, जिसमें लखनऊ नगर निगम भी शामिल है।

एटीएस ने आशंका जताई है कि प्रदेश में बड़ी संख्या में ऐसे घुसपैठिये मौजूद हैं जो हाल ही में शुरू हुई विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की फिराक में हैं। इसी आशंका के चलते प्रदेशभर में बांग्लादेशी, रोहिंग्या और अन्य घुसपैठियों की तलाश तेज कर दी गई है।

अधिकतर निगमों और निकायों में साफ-सफाई का काम कार्यदायी संस्थाओं (आउटसोर्स) के हवाले है। आशंका है कि घुसपैठिये फर्जी दस्तावेजों के आधार पर इन आउटसोर्स कर्मचारियों के रूप में प्रदेश में रह रहे हैं।

स्थानीय प्रशासन की प्रतिक्रिया

नगरायुक्त, प्रेम प्रकाश मीणा ने बताया कि अलीगढ़ नगर निगम में आउटसोर्स के 750 कर्मचारी हैं। इन सभी की सूची पुलिस को दे दी गई है और पुलिस द्वारा इन सभी का सत्यापन कराया जा रहा है।

एसपी सिटी, मृगांक शेखर पाठक ने पुष्टि की कि नगर निगम के आउटसोर्स कर्मचारियों का सत्यापन कराया जा रहा है। इसमें संबंधित व्यक्ति कहां के रहने वाले हैं, यहाँ कब से रह रहे हैं, और उनके आधार कार्ड आदि की गहन जाँच की जा रही है।

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