Lucknow News: जांच के घेरे में नदवा कॉलेज, विदेशी नागरिक को ठहराने और सूचना छिपाने पर सीनियर अधिकारियों पर FIR

Lucknow News: राजधानी लखनऊ का प्रतिष्ठित इस्लामी शिक्षण संस्थान दारुल उलूम नदवतुल उलमा एक बार फिर विवादों और जाँच के दायरे में आ गया है। इस बार संस्थान के सीनियर अधिकारियों पर एक विदेशी नागरिक को कॉलेज परिसर में ठहराने और इसकी सूचना समय पर फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) तथा स्थानीय पुलिस को न देने के आरोप में FIR दर्ज की गई है।

FRRO, लखनऊ की सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। जानकारी के अनुसार, फिलीपींस का नागरिक मोहम्मद एरॉन सरिप टूरिस्ट वीज़ा पर भारत आया था और वह 30 नवंबर से 2 दिसंबर तक दारुल उलूम नदवतुल उलमा परिसर में रुका था। जाँच में पाया गया है कि वह केवल टूरिस्ट वीज़ा पर भारत आया था, लेकिन उसके परिसर में ठहरने और तबलीगी जमात से जुड़ी गतिविधियों में शामिल होने की आशंका है। नियमों के मुताबिक, टूरिस्ट वीज़ा पर आए विदेशी नागरिक को किसी भी प्रकार की धार्मिक प्रचार-प्रसार या तबलीगी जमात से जुड़ी गतिविधियों में शामिल होने की अनुमति नहीं होती है, जो कि वीज़ा शर्तों का उल्लंघन है।

कॉलेज प्रशासन पर जानबूझकर जानकारी छिपाने का आरोप

FRRO की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने करीब सात दिनों तक मामले की गहन जाँच की। पुलिस के अनुसार, नदवा कॉलेज के प्रिंसिपल मौलाना अब्दुल अजीज नदवी, सब-रजिस्ट्रार हारून राशिद, हॉस्टल वार्डन मोहम्मद कैसर नदवी और मुख्य गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मी ने जानबूझकर विदेशी नागरिक के आने और ठहरने की सूचना स्थानीय थाने या FRRO को नहीं दी।

सात दिन की जाँच में तथ्यों की पुष्टि होने के बाद विदेशी पंजीकरण कानूनों के उल्लंघन के आरोप में इन सभी संबंधित अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है। पुलिस का कहना है कि यदि विदेशी नागरिक द्वारा वीज़ा शर्तों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो उसे तत्काल डिपोर्ट करने के साथ-साथ भविष्य में भारत में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। साथ ही, कॉलेज प्रशासन की भूमिका की भी गहराई से जाँच की जा रही है।

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