कोहरे की मार: झांसी में थमी ट्रेनों की रफ्तार, शताब्दी साढ़े तीन तो वंदे भारत पौने दो घंटे लेट
Sandesh Wahak Digital Desk:: उत्तर भारत में घने कोहरे की धुंध ने लंबी दूरी की ट्रेनों की रफ्तार को बुरी तरह प्रभावित करना शुरू कर दिया है। रविवार को दिल्ली से झांसी आने वाली अधिकांश ट्रेनें देरी से चल रही थीं, जिसके कारण यात्रियों को घंटों प्लेटफॉर्म पर ठिठुरना पड़ा।
वीवीआईपी ट्रेनों की बिगड़ी चाल
कोहरे का असर वीवीआईपी (VVIP) और प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दिया:
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वंदे भारत एक्सप्रेस (20172): निजामुद्दीन से रानी कमलापति जाने वाली ट्रेन 1 घंटे 45 मिनट की देरी से झांसी पहुंची।
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शताब्दी एक्सप्रेस (12002): नई दिल्ली से रानी कमलापति जाने वाली यह प्रतिष्ठित ट्रेन 3 घंटे 35 मिनट की भारी देरी से पहुंची।
अन्य लंबी दूरी की ट्रेनों की लेटलतीफी
दिल्ली और उत्तर भारत के अन्य शहरों से झांसी पहुंचने वाली अधिकांश ट्रेनें 2 से 4.5 घंटे तक की देरी से चल रही हैं। यात्रियों को सर्द मौसम में रात के समय भी प्लेटफॉर्म पर इंतजार करना पड़ा।
| ट्रेन का नाम (ट्रेन संख्या) | विलंब (लगभग) |
| उत्कल एक्सप्रेस (18478) | 4 घंटे 16 मिनट |
| गोंडवाना एक्सप्रेस (12406) | 3 घंटे 57 मिनट |
| पंजाब मेल (12138) | 3 घंटे 20 मिनट |
| साबरमती एक्सप्रेस (19166) | 3 घंटे 30 मिनट |
| मंगला एक्सप्रेस (12618) | 2 घंटे 48 मिनट |
| स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस (12804) | 2 घंटे 42 मिनट |
| महाकौशल एक्सप्रेस (12190) | 2 घंटे 31 मिनट |
| हीराकुंड एक्सप्रेस (20808) | 2 घंटे 12 मिनट |
| पातालकोट एक्सप्रेस (20424) | 1 घंटे 51 मिनट |
| श्रीधाम एक्सप्रेस (12191) | 1 घंटे 39 मिनट |
ट्रेनों की इस लेटलतीफी के कारण झांसी स्टेशन पर यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं, और उनके आगे के सफर की योजना प्रभावित हुई है।

