लालू परिवार ने रात के अंधेरे में खाली किया सरकारी बंगला, BJP का आरोप- क्या कोई खजाना छिपा रखा है
Sandesh Wahak Digital Desk: बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास को खाली करने की प्रक्रिया शुरू होते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष में जुबानी जंग छिड़ गई है। पटना के 10 सर्कुलर रोड स्थित बंगले से रात के वक्त सामान शिफ्ट किए जाने के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं, जिसके बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने लालू परिवार पर चोरों की तरह घर खाली करने का आरोप लगाया है।
भाजपा के प्रदेश मीडिया पैनलिस्ट नीरज कुमार ने शुक्रवार को लालू परिवार पर निशाना साधते हुए कई गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि आखिर ऐसी क्या मजबूरी है कि राबड़ी देवी को रात के अंधेरे में अपना सामान हटाना पड़ रहा है? नीरज कुमार ने तंज कसते हुए कहा, “जनता और मीडिया से क्या छिपाया जा रहा है? क्या वहां कोई खजाना छिपा था या सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग हो रहा था? लालू परिवार दिन के उजाले में कोई काम नहीं कर सकता। उन्होंने अखिलेश यादव के बंगले का उदाहरण देते हुए चेतावनी भरे लहजे में यह भी कहा, याद रखिएगा, इस बार टोंटी खोलकर मत ले जाइएगा।
कानून सबके लिए बराबर: रामकृपाल यादव
नीतीश सरकार में मंत्री रामकृपाल यादव ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि कानून और नियम सबके लिए एक समान हैं। राबड़ी देवी को नया आवास आवंटित हो चुका है, इसलिए उन्हें पुराना बंगला छोड़ देना चाहिए। सरकार मुख्यमंत्री पद पर रहे व्यक्तियों को पूरी सुविधाएं दे रही है, लेकिन नियमों का पालन भी जरूरी है।
कहां है लालू परिवार
हैरानी की बात यह है कि जब यह बंगला खाली किया जा रहा है, तब लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव पटना में मौजूद नहीं हैं। लालू यादव अपनी आंखों के ऑपरेशन के लिए दिल्ली में हैं, जबकि तेजस्वी यादव के सपरिवार विदेश यात्रा पर होने की चर्चा है। आरजेडी की ओर से फिलहाल सामान शिफ्टिंग के वायरल वीडियो पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
बता दें कि बिहार में सत्ता परिवर्तन के बाद राबड़ी देवी को बतौर विधान परिषद नेता प्रतिपक्ष ’39, हार्डिंग रोड’ वाला नया आवास आवंटित किया गया है। 10 सर्कुलर रोड वाला बंगला पिछले करीब 20 सालों से लालू परिवार का ठिकाना रहा है। पहले आरजेडी नेताओं ने इसे खाली करने से इनकार किया था, लेकिन अब नोटिस के बाद शिफ्टिंग की तैयारी चल रही है।

