कुशीनगर: राजस्व मामलों में ढिलाई बर्दाश्त नहीं, चकमार्गों से तत्काल हटाएं अतिक्रमण; डीएम ने दिए सख्त निर्देश

पडरौना, कुशीनगर: जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने कलेक्ट्रेट सभागार में राजस्व विभाग की साप्ताहिक समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े मामलों और राजस्व प्रकरणों के निस्तारण में किसी भी तरह की लापरवाही या अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।

अतिक्रमण मुक्त होंगे चकरोड: लेखपालों को देना होगा प्रमाण पत्र

बैठक में जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों (SDM) और तहसीलदारों को एक विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राजस्व ग्रामों में चकरोड और चकमार्गों का सीमांकन कर उन्हें अवैध अतिक्रमण से मुक्त कराया जाए। डीएम ने निर्देश दिया कि प्रत्येक लेखपाल से इस आशय का प्रमाण पत्र प्राप्त किया जाए कि उनके क्षेत्र के सभी चकमार्ग पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त हैं।

योजनाओं की समयबद्ध और पारदर्शी समीक्षा

जिलाधिकारी ने बैठक में विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की।

कृषि, आवास, मत्स्य पालन और कुम्हारी कला से संबंधित भूमि आवंटन की स्थिति।

आर.सी. (RC) वसूली में तेजी लाने, ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाओं और फास्ट ट्रैक प्रमाणपत्रों के समयबद्ध निर्गमन के निर्देश दिए।

जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी तरीके से करने पर जोर दिया गया।

संवेदनशीलता और समन्वय पर जोर

डीएम तंवर ने कहा कि राजस्व विभाग सीधे तौर पर आम जनता से जुड़ा है, इसलिए अधिकारियों को शासन की मंशा के अनुरूप संवेदनशील होकर कार्य करना चाहिए। उन्होंने पेंशन, जीपीएफ और ग्रेच्युटी जैसे सेवानिवृत्ति लाभों के प्रकरणों को भी प्राथमिकता पर हल करने के निर्देश दिए। इस बैठक में मुख्य विकास अधिकारी वंदिता श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी वैभव मिश्रा, एडीएम (न्यायिक) प्रेम कुमार राय सहित जनपद के सभी एसडीएम और तहसीलदार मौजूद रहे।

रिपोर्ट: राघवेंद्र मल्ल

 

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