मनरेगा खत्म करना गरीबों की पीठ में छुरा घोंपने जैसा, CWC की बैठक में कांग्रेस ने फूंका आंदोलन का बिगुल

Sandesh Wahak Digital Desk: कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक में मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने मनरेगा (MGNREGA) जैसी ऐतिहासिक योजना को खत्म कर देश के करोड़ों गरीबों और पिछड़ों को बेसहारा छोड़ दिया है। खड़गे ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिक अधिकारों पर अब तक का सबसे बड़ा संकट करार दिया। खड़गे ने सोशल मीडिया पर अपने भाषण के अंश साझा करते हुए कहा कि मनरेगा को खत्म करना महात्मा गांधी का अपमान है।

उन्होंने याद दिलाया कि 2006 में सोनिया गांधी और डॉ. मनमोहन सिंह ने इसे शुरू किया था, जिसने ग्रामीण भारत से भूख और पलायन को खत्म किया। खड़गे ने आरोप लगाया कि जैसे तीन कृषि कानून बिना किसी सलाह के थोपे गए थे, वैसे ही मनरेगा को खत्म कर नया कानून लाया गया है। उन्होंने राहुल गांधी की बात दोहराते हुए कहा कि सरकार को झुकना होगा और मनरेगा को दोबारा बहाल करना पड़ेगा।

संगठन में बड़ा बदलाव और 2026 की तैयारी

पार्टी को मजबूत करने के लिए खड़गे ने संगठनात्मक अपडेट भी दिए। संगठन सृजन अभियान के तहत 500 जिलों में नए अध्यक्ष नियुक्त किए जा चुके हैं, बाकी काम 120 दिनों में पूरा होगा। अप्रैल-मई 2026 में होने वाले असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी के विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस ने अभी से कमर कस ली है। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से गरीबों, दलितों और अल्पसंख्यकों के नाम काटे जा रहे हैं। उन्होंने बीएलए (BLA) को घर-घर जाकर इसकी जांच करने का निर्देश दिया।

अपने संबोधन में खड़गे ने कई अन्य गंभीर मुद्दे भी उठाए। उन्होंने ईडी, आईटी और सीबीआई के जरिए विपक्ष को दबाने का आरोप लगाया। साथ ही नेशनल हेराल्ड मामला में पार्टी के खिलाफ की जा रही कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बताया। बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले और क्रिसमस के दौरान बिगड़े आपसी भाईचारे की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की।

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