मेक इन इंडिया की बड़ी उड़ान, दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता बना भारत

Sandesh Wahak Digital Desk: केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को देश की बढ़ती मैन्युफैक्चरिंग ताकत का ब्यौरा साझा किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग हब बन चुका है। पिछले एक दशक में भारत ने इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में जो तरक्की की है, उसे दुनिया अब एक मिसाल के तौर पर देख रही है।

अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर कुछ बेहद प्रभावशाली आंकड़े साझा किए, जो बताते हैं कि मेक इन इंडिया का जमीन पर क्या असर हुआ है। बीते 11 वर्षों में भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 8 गुना बढ़ा है। देश के कुल इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन में 6 गुना की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

पीएलआई (PLI) स्कीम के तहत अब तक 13,475 करोड़ रुपये का निवेश आया है, जिससे करीब 9.8 लाख करोड़ रुपये के उत्पादों का निर्माण हुआ है। केंद्रीय मंत्री ने जोर देकर कहा कि इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा देश के युवाओं को मिला है। पिछले एक दशक में इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर ने 25 लाख नौकरियां पैदा की हैं। केवल पिछले पांच वर्षों में ही 1.3 लाख से ज्यादा लोगों को सीधे तौर पर काम मिला है।

अब चिप्स भी बनाएगा भारत

अश्विनी वैष्णव ने बताया कि भारत अब सिर्फ फोन असेंबल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि अब हम सेमीकंडक्टर और कंपोनेंट्स (पुर्जे) बनाने की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं। वर्तमान में 10 सेमीकंडक्टर यूनिट्स को मंजूरी मिल चुकी है। इनमें से 3 यूनिट्स ने ट्रायल और शुरुआती प्रोडक्शन भी शुरू कर दिया है। जल्द ही भारत में बनी चिप्स दुनिया भर के मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स में नजर आएंगी।

वैश्विक कंपनियों का बढ़ता भरोसा

मंत्री ने अपनी पोस्ट में कहा कि आज ग्लोबल कंपनियां भारत पर भरोसा कर रही हैं और भारतीय कंपनियां दुनिया के साथ मुकाबला करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने इसे मेक इन इंडिया की एक सफल कहानी बताया, जो जमीनी स्तर पर असली आर्थिक विकास ला रही है।

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