राम रहीम की पैरोल के बीच अबू सलेम ने भी खटखटाया हाई कोर्ट का दरवाजा, मांगी ‘इमरजेंसी पैरोल’
Sandesh Wahak Digital Desk: डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम को बार-बार मिल रही पैरोल पर जारी राष्ट्रीय बहस के बीच, 1993 मुंबई धमाकों के दोषी अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम ने भी बॉम्बे हाई कोर्ट में इमरजेंसी पैरोल के लिए याचिका दायर की है। सलेम ने अपने बड़े भाई के निधन के बाद अंतिम रस्मों में शामिल होने के लिए उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जाने की अनुमति मांगी है।
भाई की मृत्यु के बाद मांगी पैरोल
अबू सलेम के बड़े भाई अबू हाकिम अंसारी का 14 नवंबर 2025 को निधन हो गया था। सलेम ने याचिका में कहा है कि वह अपने भाई को ‘पिता तुल्य’ मानता था। वह उनके 40वें की रस्मों, कुरान ख्वानी और कब्रिस्तान की दुआ में शामिल होकर परिवार को सांत्वना देना चाहता है।
कोर्ट की कार्यवाही और दलीलें
न्यायमूर्ति ए.एस. गडकरी और न्यायमूर्ति श्याम सी. चांडक की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान कई प्वाइंट्स सामने आए। जिसमें कोर्ट ने टिप्पणी की कि मुस्लिम रीति-रिवाजों के अनुसार 40 दिनों की अवधि बीत चुकी है। इस पर सलेम की वकील फरहाना शाह ने तर्क दिया कि याचिका समय पर दी गई थी, लेकिन शीतकालीन अवकाश (Winter Vacation) के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। सलेम का कहना है कि उसने भाई के जीवित रहते भी पैरोल मांगी थी, लेकिन जेल प्रशासन ने उस पर निर्णय लेने में देरी की।
डीआईजी (जेल) ने पहले उसकी अर्जी खारिज कर दी थी क्योंकि कोई जमानतदार नहीं मिला था और सलेम के भागने (Flight Risk) की आशंका थी। अब सलेम ने कोर्ट को बताया है कि उसके दो वकील जमानतदार बनने को तैयार हैं।
आर्थिक असमर्थता का हवाला
अबू सलेम ने बताया कि एडीजीपी ने उसे एस्कॉर्ट पार्टी (पुलिस सुरक्षा) के साथ जाने की अनुमति दी थी, लेकिन पुलिस सुरक्षा पर होने वाले लाखों रुपये का खर्च वह वहन नहीं कर सकता।
जिसमें अबू सलेम 2005 से जेल में बंद है। उसे दो प्रमुख मामलों में उम्रकैद मिली थी।
1993 मुंबई सीरियल ब्लास्ट: जिसमें 257 लोगों की जान गई थी।
1995 बिल्डर प्रदीप जैन हत्याकांड।
पुर्तगाल के साथ भारत की प्रत्यर्पण संधि (Extradition Treaty) के कारण उसकी सजा को अधिकतम 25 साल तक सीमित किया गया है। सलेम ने हाल ही में एक अन्य याचिका दायर कर यह भी पूछा है कि उसकी यह 25 साल की अवधि कब पूरी होगी।
राम रहीम से तुलना पर विवाद
यह याचिका ऐसे समय में आई है जब राम रहीम को 8 साल में 15वीं बार पैरोल मिली है। राम रहीम रेप और हत्या के मामलों में सजा काट रहा है, और उसे मिल रही बार-बार की राहत पर कानूनी और सामाजिक हलकों में सवाल उठाए जा रहे हैं। इसी का हवाला देते हुए अब अन्य गंभीर अपराधी भी पैरोल की मांग कर रहे हैं।
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