BJP के साथ अनोखा गठबंधन, कांग्रेस ने अपने 12 पार्षदों को किया सस्पेंड, फडणवीस बोले- यह मंजूर नहीं, गलती सुधारेंगे
Sandesh Wahak Digital Desk: महाराष्ट्र के ठाणे जिले के अंबरनाथ में सत्ता के लिए हुए एक बेमेल गठबंधन ने सियासी गलियारों में खलबली मचा दी है। यहां नगर परिषद की सत्ता पर काबिज होने के लिए धुर विरोधी भाजपा और कांग्रेस एक साथ आ गए। इस कदम से शिवसेना (शिंदे गुट) सत्ता से बाहर हो गई है। हालांकि, इस ‘दोस्ती’ का खामियाजा अब कांग्रेस पार्षदों को भुगतना पड़ रहा है।
महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने इस गठबंधन को पार्टी की नीतियों के खिलाफ बताते हुए कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने अंबरनाथ नगर परिषद के सभी 12 कांग्रेस पार्षदों को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही पूरी ब्लॉक कांग्रेस कार्यकारिणी को भी बर्खास्त कर दिया गया है। सपकाल ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर भाजपा के साथ समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
शिंदे सेना का फूटा गुस्सा
शिवसेना (शिंदे गुट) इस गठबंधन से बेहद आहत है। विधायक डॉ. बालाजी किनिकर ने तंज कसते हुए कहा कि जो भाजपा कांग्रेस-मुक्त भारत का नारा देती थी, वह अब शिवसेना को किनारे करने के लिए उसी कांग्रेस की गोद में जा बैठी है। वहीं, सांसद श्रीकांत शिंदे ने भी हैरानी जताते हुए कहा कि यह गठबंधन क्यों हुआ, इसका जवाब भाजपा के बड़े नेताओं को देना चाहिए।
भाजपा की सफाई और फडणवीस की चेतावनी
भाजपा के स्थानीय नेताओं का कहना है कि उन्होंने शिंदे गुट से बातचीत की कोशिश की थी, लेकिन वहां से कोई जवाब नहीं मिला। भाजपा उपाध्यक्ष गुलाबराव करंजुले पाटिल ने तो यहां तक कह दिया कि पिछले 25 साल से भ्रष्टाचार में डूबे लोगों के साथ रहने से अच्छा है कि नया विकल्प चुना जाए।

